परमहंस योगानन्द

'योगी की आत्म-कथा' के लेखक — क्रिया-योग-प्रचारक

जन्म

1893

पुस्तक

योगी आत्मकथा

संस्था

SRF

परमहंस योगानन्द — 20वीं सदी के विश्व-प्रसिद्ध-योगी। "योगी की आत्म-कथा" के लेखक। पश्चिम में योग-क्रिया का प्रचार।

1893-1952। बाबाजी → लाहिड़ी महाशय → युक्तेश्वर गिरि → योगानन्द — गुरु-परम्परा।

जीवन-संक्षेप

जन्म: 5 जनवरी 1893, गोरखपुर।

मूल-नाम: मुकुन्द लाल घोष।

गुरु: स्वामी श्री युक्तेश्वर गिरि।

1920: अमेरिका-यात्रा।

सेल्फ-रियलाइज़ेशन-फेलोशिप (SRF) स्थापना।

दान/भिक्षा से जीवन।

7 मार्च 1952 महासमाधि।

मृत्यु-पश्चात 20 दिन शरीर-अक्षत (फ़ॉरेस्ट लॉन-प्रमाणित)।

योग-क्रिया-विधि

प्राण-शक्ति-विज्ञान।

मेरुदण्ड-केन्द्रित।

42 क्रिया = 1 वर्ष-नैतिक-विकास।

दैनिक-अभ्यास 30-90 मिनट।

SRF दीक्षा-अनिवार्य।

गुरु-शिष्य-परम्परा।

मुख्य-पुस्तक: योगी की आत्म-कथा

1946 प्रकाशित।

100+ भाषाओं में।

40 लाख+ प्रति।

"100 आध्यात्मिक-पुस्तकों में सबसे प्रभावशाली"।

चमत्कारी-संत-कथाएँ।

स्टीव जॉब्स ने अपने अन्तिम-संस्कार में बाँटी।

पश्चिम में योग-क्रान्ति।

विश्व-प्रभाव

लॉस-एन्जेलेस: SRF मुख्यालय।

मन्दिर: कैलिफोर्निया, मेक्सिको।

भारत: रांची-योगदा-सत्संग-सोसायटी (YSS)।

बाबाजी-कथा से क्रिया-योग का पुनरुद्धार।

योग-दूत भारत-पश्चिम-सेतु।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्रिया-योग कैसे सीखें?

SRF/YSS दीक्षा अनिवार्य। 1-वर्ष पाठ्यक्रम। www.yogananda.org। ₹0 — दान-आधारित।

योगानन्द-समाधि कहाँ?

फ़ॉरेस्ट लॉन मेमोरियल पार्क, कैलिफोर्निया। दर्शन-योग्य। YSS-रांची में स्मारक।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।