पंढरपुर विठ्ठल

महाराष्ट्र-कर्नाटक का वैष्णव-तीर्थ — विठ्ठल-कृष्ण

देवता

विठ्ठल

वारी 2026

28 जुलाई

वारकरी

10-15 लाख

पंढरपुर विठ्ठल मन्दिर — महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में। चन्द्रभागा-नदी पर। महाराष्ट्र-कर्नाटक का प्रमुख-वैष्णव-तीर्थ।

भगवान विठ्ठल = कृष्ण का स्थानीय-स्वरूप। पत्नी रुक्मिणी। वारकरी-सम्प्रदाय का मुख्य-धाम।

मूर्ति-विशेष

विठ्ठल खड़े मुद्रा में।

कमर पर हाथ।

ईंट पर खड़े (पुण्डलीक के पिता-सेवा-कथा)।

काले-पाषाण।

सरल-मुस्कान।

छोटी-पगड़ी।

पुण्डलीक-कथा

पुण्डलीक माता-पिता-सेवा में मग्न।

कृष्ण मिलने आए।

पुण्डलीक ने ईंट दी: "बैठो, मैं माँ-पिता-सेवा से अभी-नहीं।"

कृष्ण ईंट पर खड़े-खड़े प्रतीक्षा।

तब से विठ्ठल खड़े-मुद्रा।

भक्ति का परम-उदाहरण।

वारकरी-यात्रा (पंढरपुर-वारी)

आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी)।

2026: 28 जुलाई 2026।

आलंदी (ज्ञानेश्वर) → पंढरपुर 200 किमी।

देहू (तुकाराम) → पंढरपुर।

15-दिन पैदल।

10-15 लाख वारकरी।

भगवा-वस्त्र।

भजन-कीर्तन-नृत्य।

दर्शन और 4 एकादशियाँ

विशेष: देवशयनी (आषाढ़), कार्तिकी (कार्तिक), माघी (माघ), चैत्री (चैत्र)।

सर्व-दर्शन: निःशुल्क।

VIP: ₹200।

मुख-दर्शन-निःशुल्क।

पाद-दर्शन: ₹50।

पंढरपुर से 110 किमी अक्कलकोट (स्वामी समर्थ)।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विठ्ठल और कृष्ण एक?

हाँ। विठ्ठल = कृष्ण का स्थानीय-नाम। मराठा-कन्नड़-भक्तों का। मूल-कृष्ण।

पंढरपुर-वारी जा सकते?

हाँ। आषाढ़ी-वारी (जुलाई) सबसे-बड़ी। पंजीकरण-मुफ्त। दिण्डी-समूह से जुड़ें।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।