नैना देवी मन्दिर

हिमाचल के बिलासपुर में सती-नेत्र-शक्ति-पीठ

ऊँचाई

1100 मी

चण्डीगढ़ से

100 किमी

विशेष

केबल-कार

नैना-देवी-मन्दिर — हिमाचल-प्रदेश के बिलासपुर में। 51 शक्ति-पीठों में एक। माँ-सती की दोनों आँखें (नैन) गिरीं।

गोबिन्द-सागर-झील के पास 1100 मी ऊँचाई पर। चारों ओर मनोरम-दृश्य।

पौराणिक-कथा

सती-दाह के बाद शिव का तांडव।

विष्णु ने 51 भाग किये।

सती की आँखें (नैन) यहाँ गिरीं।

बाद में नैना-नाम के गोला (चरवाहा) ने गाय का दूध रोज एक-शिला पर गिरते देखा। खुदाई की। मूर्ति मिली।

मन्दिर 8वीं सदी का।

दर्शन

सुबह 6:00 — रात्रि 10:00।

दैनिक-आरती: 5:00 AM, 12:00 PM, 7:00 PM।

नवरात्रि: चैत्र (मार्च-अप्रैल), शारदीय (अक्टूबर) — अति-भीड़।

सर्व-दर्शन: निःशुल्क।

VIP/शीघ्र: ₹100।

उडन-खटोला (केबल-कार) उपलब्ध।

पहुँच

आनन्दपुर साहिब (रेलवे): 30 किमी।

चण्डीगढ़: 100 किमी।

दिल्ली: 350 किमी।

सड़क-मार्ग सरल।

केबल-कार: ₹150 round-trip।

पैदल: 1.5 किमी।

आसपास के दर्शनीय

गोबिन्द-सागर-झील।

भाखड़ा-नांगल-बाँध।

आनन्दपुर साहिब (सिख-तीर्थ)।

चिंतपूर्णी-देवी-मन्दिर (50 किमी)।

मनसा-देवी (200 किमी)।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नैना-देवी और चिंतपूर्णी एक-यात्रा में?

हाँ — 50 किमी दूर। 1-2 दिन में दोनों दर्शन। आसपास और शक्ति-पीठ भी।

मेला कब?

चैत्र-नवरात्रि और शारद-नवरात्रि (9 दिन)। श्रावण-अष्टमी विशेष।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।