नागेश्वर ज्योतिर्लिङ्ग

द्वारका के पास 8वाँ ज्योतिर्लिङ्ग — साँपों के स्वामी

क्रम

8/12

द्वारका से

17 किमी

प्रतिमा

80 फीट

नागेश्वर ज्योतिर्लिङ्ग — गुजरात के द्वारका से 17 किमी। 12-ज्योतिर्लिङ्ग में 8वाँ। नाग (साँप) के राजा का स्थान। शिव सर्वोच्च-नाग।

विशेष: सर्प-दोष, राहु-केतु-दोष-निवारण। 80-फीट ऊँची शिव-प्रतिमा (बैठी मुद्रा)।

पौराणिक-कथा

सुप्रिय (शिव-भक्त) को दारुक-राक्षस ने बन्दी बनाया।

सुप्रिय की प्रार्थना से शिव प्रकट।

दारुक-वध। ज्योतिर्लिङ्ग-स्थापना।

नाग = दारुक-नाम।

दर्शन

सुबह 6:00 — दोपहर 12:30, सायं 5:00 — रात्रि 9:00।

मंगल-आरती: 5:30 AM।

सर्व-दर्शन: निःशुल्क।

VIP-दर्शन: ₹500।

अभिषेक: ₹1500।

सोमवार-शिवरात्रि भीड़।

द्वारका-यात्रा-संग

नागेश्वर + द्वारकाधीश-मन्दिर।

बेट-द्वारका।

गोपी-तालाब।

रुक्मिणी-मन्दिर।

सूरज-कुण्ड।

द्वारका से 17 किमी।

पहुँच

नज़दीकी रेलवे: द्वारका।

हवाई: जामनगर (130 किमी), पोरबन्दर।

अहमदाबाद से 450 किमी।

सड़क-मार्ग सुलभ।

सोमनाथ + द्वारका + नागेश्वर 3-दिन-यात्रा।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सर्प-दोष-निवारण विशेष क्यों?

नाग = साँप। यहाँ शिव "नागेश्वर" = साँपों के स्वामी। राहु-केतु (छाया-नाग-ग्रह) दोष-शान्ति विशेष।

द्वारका-यात्रा कब?

अक्टूबर-मार्च श्रेष्ठ। मानसून (जुलाई-सितम्बर) में समुद्र-तूफान।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।