नागेश्वर ज्योतिर्लिङ्ग — गुजरात के द्वारका से 17 किमी। 12-ज्योतिर्लिङ्ग में 8वाँ। नाग (साँप) के राजा का स्थान। शिव सर्वोच्च-नाग।
विशेष: सर्प-दोष, राहु-केतु-दोष-निवारण। 80-फीट ऊँची शिव-प्रतिमा (बैठी मुद्रा)।
✦ पौराणिक-कथा
सुप्रिय (शिव-भक्त) को दारुक-राक्षस ने बन्दी बनाया।
सुप्रिय की प्रार्थना से शिव प्रकट।
दारुक-वध। ज्योतिर्लिङ्ग-स्थापना।
नाग = दारुक-नाम।
✦ दर्शन
सुबह 6:00 — दोपहर 12:30, सायं 5:00 — रात्रि 9:00।
मंगल-आरती: 5:30 AM।
सर्व-दर्शन: निःशुल्क।
VIP-दर्शन: ₹500।
अभिषेक: ₹1500।
सोमवार-शिवरात्रि भीड़।
✦ द्वारका-यात्रा-संग
नागेश्वर + द्वारकाधीश-मन्दिर।
बेट-द्वारका।
गोपी-तालाब।
रुक्मिणी-मन्दिर।
सूरज-कुण्ड।
द्वारका से 17 किमी।
✦ पहुँच
नज़दीकी रेलवे: द्वारका।
हवाई: जामनगर (130 किमी), पोरबन्दर।
अहमदाबाद से 450 किमी।
सड़क-मार्ग सुलभ।
सोमनाथ + द्वारका + नागेश्वर 3-दिन-यात्रा।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सर्प-दोष-निवारण विशेष क्यों?▼
नाग = साँप। यहाँ शिव "नागेश्वर" = साँपों के स्वामी। राहु-केतु (छाया-नाग-ग्रह) दोष-शान्ति विशेष।
द्वारका-यात्रा कब?▼
अक्टूबर-मार्च श्रेष्ठ। मानसून (जुलाई-सितम्बर) में समुद्र-तूफान।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।