ललिता-सहस्रनाम — देवी ललिता-त्रिपुरसुन्दरी के 1000 नाम। ब्रह्माण्ड-पुराण से। शक्ति-उपासकों का प्रमुख-स्तोत्र।
देवी ने वशिनी आदि 8 वाग्देवियों को 1000 नाम-दिये। ध्यान + न्यास + पाठ।
✦ विशेषताएँ
1000 नाम 320 श्लोकों में।
देवी का सम्पूर्ण-वर्णन: रूप, गुण, शक्ति, स्थान।
श्री-यन्त्र-केन्द्र-सम्बन्धित।
कामेश्वर-शिव की पत्नी।
3-नगरी (त्रिपुर): स्थूल-सूक्ष्म-कारण-शरीर।
✦ पाठ-विधि
प्रात:-स्नान।
लाल-वस्त्र।
देवी-प्रतिमा/श्री-यन्त्र।
कुमकुम, लाल-पुष्प, इत्र।
दीप, धूप।
गणेश-पूजन।
ध्यान-श्लोक।
सम्पूर्ण-1000 नाम (45-60 मिनट)।
कुमारी-पूजन (सुहागन-पूजन भी)।
समापन: फल-नैवेद्य।
✦ मुख्य-नाम
श्री-माता।
श्री-महाराज्ञी।
श्रीमत्-सिंहासनेश्वरी।
चिदग्नि-कुण्ड-संभूता।
देव-कार्य-समुद्यता।
उद्यद्-भानु-सहस्राभा।
... (और 994)।
✦ विशेष-दिन और लाभ
नवरात्रि (दैनिक)।
शुक्रवार।
पूर्णिमा।
अष्टमी।
सर्व-सिद्धि।
सौभाग्य-वृद्धि।
पुत्र-प्राप्ति।
धन-समृद्धि।
शत्रु-नाश।
मोक्ष।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ललिता-त्रिपुरसुन्दरी कौन?▼
10 महाविद्याओं में षोडशी। शिव-शक्ति का परम-रूप। श्री-यन्त्र की अधिष्ठात्री।
पाठ रोज सम्भव?▼
45-60 मिनट लगता। नित्य-पाठ श्रेष्ठ। समय-कमी पर शुक्रवार/पूर्णिमा-पाठ।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।