ललिता सहस्रनाम

देवी ललिता-त्रिपुरसुन्दरी के 1000 नाम

नाम

1000

श्लोक

320

पाठ-समय

45-60 मिनट

ललिता-सहस्रनाम — देवी ललिता-त्रिपुरसुन्दरी के 1000 नाम। ब्रह्माण्ड-पुराण से। शक्ति-उपासकों का प्रमुख-स्तोत्र।

देवी ने वशिनी आदि 8 वाग्देवियों को 1000 नाम-दिये। ध्यान + न्यास + पाठ।

विशेषताएँ

1000 नाम 320 श्लोकों में।

देवी का सम्पूर्ण-वर्णन: रूप, गुण, शक्ति, स्थान।

श्री-यन्त्र-केन्द्र-सम्बन्धित।

कामेश्वर-शिव की पत्नी।

3-नगरी (त्रिपुर): स्थूल-सूक्ष्म-कारण-शरीर।

पाठ-विधि

प्रात:-स्नान।

लाल-वस्त्र।

देवी-प्रतिमा/श्री-यन्त्र।

कुमकुम, लाल-पुष्प, इत्र।

दीप, धूप।

गणेश-पूजन।

ध्यान-श्लोक।

सम्पूर्ण-1000 नाम (45-60 मिनट)।

कुमारी-पूजन (सुहागन-पूजन भी)।

समापन: फल-नैवेद्य।

मुख्य-नाम

श्री-माता।

श्री-महाराज्ञी।

श्रीमत्-सिंहासनेश्वरी।

चिदग्नि-कुण्ड-संभूता।

देव-कार्य-समुद्यता।

उद्यद्-भानु-सहस्राभा।

... (और 994)।

विशेष-दिन और लाभ

नवरात्रि (दैनिक)।

शुक्रवार।

पूर्णिमा।

अष्टमी।

सर्व-सिद्धि।

सौभाग्य-वृद्धि।

पुत्र-प्राप्ति।

धन-समृद्धि।

शत्रु-नाश।

मोक्ष।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ललिता-त्रिपुरसुन्दरी कौन?

10 महाविद्याओं में षोडशी। शिव-शक्ति का परम-रूप। श्री-यन्त्र की अधिष्ठात्री।

पाठ रोज सम्भव?

45-60 मिनट लगता। नित्य-पाठ श्रेष्ठ। समय-कमी पर शुक्रवार/पूर्णिमा-पाठ।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।