खाटू श्याम जी — राजस्थान के सीकर जिले के खाटू-गाँव में। बर्बरीक (भीम-पौत्र) का मन्दिर। श्रीकृष्ण ने "श्याम" नाम दिया।
कलि-युग में कृष्ण-स्वरूप। हारे का सहारा। फाल्गुन-मेला सबसे-बड़ा।
✦ बर्बरीक-कथा
बर्बरीक: घटोत्कच का पुत्र, भीम का पौत्र।
3-बाण-वरदान — किसी-भी-युद्ध-जीत-शक्ति।
महाभारत-युद्ध-पूर्व कौन-जीते देखने आये।
कृष्ण ने ब्राह्मण-वेश में परीक्षा।
बर्बरीक ने कहा: "हारने वाले की तरफ लड़ूँगा।"
कृष्ण ने सिर-दान-माँगा।
बर्बरीक ने हँसकर सिर-दिया।
कृष्ण ने वरदान दिया: कलि-युग में मेरे नाम (श्याम) से पूजे जाओगे।
✦ मन्दिर-विशेष
मूर्ति: मात्र-शीश।
हीरे-जड़ित मुकुट।
मोर-पंख।
दैनिक-शृंगार।
नीला-वस्त्र।
गुलाब-फूल विशेष।
कीर्तन-संस्कृति।
✦ फाल्गुन-मेला (लक्खी-मेला)
फाल्गुन शुक्ल नवमी से एकादशी।
2026: 23-25 फरवरी।
30+ लाख श्रद्धालु।
7-दिन-7-रात-दर्शन।
रिंगस से पैदल-यात्रा।
भजन-कीर्तन।
गुलाब-निशान वाला झण्डा।
✦ दर्शन-नियम
सुबह 5 — दोपहर 1, सायं 3 — रात्रि 10।
VIP: ₹100।
आरती: मंगला (5:30), श्रृंगार (8), भोग (12), संध्या (7), शयन (9:30)।
मांस-मद्य परिसर-वर्जित।
फोटो-वर्जित-गर्भ-गृह।
कीर्तन-स्थल अलग।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कलियुग में कृष्ण क्यों खाटू-श्याम?▼
मान्यता: कलि-युग में मूल-कृष्ण से बर्बरीक की भक्ति-बल अधिक स्वीकार्य। हारे का सहारा।
पैदल-यात्रा कब?▼
फाल्गुन-मेला में रिंगस से 16 किमी पैदल। दैनिक-वर्ष-भर भी सम्भव।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।