कन्याकुमारी-मन्दिर — तमिलनाडु के सबसे-दक्षिणी छोर पर। माँ-कुमारी (पार्वती के कुमारी-रूप) का धाम। हिन्द-महासागर, बंगाल-की-खाड़ी, अरब-सागर — तीन-समुद्र-संगम।
51 शक्ति-पीठों में एक — सती की पीठ-कमर गिरी। उदय-अस्त-दोनों दर्शन का अद्वितीय-स्थल।
✦ पौराणिक-कथा
पार्वती ने शिव से विवाह हेतु तपस्या की कुमारी-रूप में।
देवताओं की रक्षा हेतु बानासुर-वध करना था कुमारी से ही।
विवाह-मुहूर्त चूका: नारद ने मुर्गा बनाकर रात्रि में बाँग दी।
कुमारी आजीवन-कुमारी रहीं। बानासुर-वध किया।
मन्दिर में हीरे की नाक-नथ — समुद्र से 50 किमी दूर से दिखती।
✦ दर्शन-स्थल
कन्याकुमारी-मन्दिर: मुख्य।
विवेकानन्द-शिला: समुद्र में 500 मी दूर। फेरी।
तिरुवल्लुवर-प्रतिमा: 133 फीट ऊँची।
गाँधी-स्मारक मण्डपम्।
सूर्य-उदय और सूर्य-अस्त: एक ही स्थान से। विश्व में अद्वितीय।
✦ विशेष-समय
चैत्र-पूर्णिमा (मार्च-अप्रैल): विशेष-दर्शन।
चित्रा-पौर्णमी: सूर्योदय और चन्द्रोदय एक-साथ।
नवरात्रि: विशेष-पूजा।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विवेकानन्द-शिला कैसे जायें?▼
फेरी ₹50/व्यक्ति। हर 30 मिनट। समुद्र-तटीय हवा। ध्यान-मण्डपम्।
सर्वोत्तम-समय?▼
अक्टूबर-फरवरी। चित्रा-पौर्णमी (अप्रैल) विशेष।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।