बोध-गया — बिहार का बौद्ध-तीर्थ। महात्मा बुद्ध को बोधि-वृक्ष-नीचे ज्ञान-प्राप्ति का स्थल। UNESCO विश्व-धरोहर।
हिन्दुओं के लिए भी पवित्र: बुद्ध-विष्णु का 9वाँ-अवतार। दशावतार में सम्मिलित।
✦ महाबोधि-मन्दिर
मूल-निर्माण: तीसरी-शताब्दी ईसा-पूर्व, सम्राट अशोक।
वर्तमान-स्वरूप: 5वीं-शताब्दी।
170 फीट ऊँचा।
बोधि-वृक्ष: मूल-वृक्ष का वंशज।
वज्रासन: बुद्ध-ध्यान-स्थल।
UNESCO 2002।
दैनिक 5000+ यात्री।
✦ मुख्य-स्थल
महाबोधि-मन्दिर।
बोधि-वृक्ष।
वज्रासन।
चंक्रमण (बुद्ध-चलन-स्थल)।
मुचलिन्द-तालाब।
रत्नागार चैत्य।
7 सप्ताह-स्थल।
80 फीट बुद्ध-प्रतिमा (दैजोक्यो-जापान-निर्मित)।
✦ अन्य देश-निर्मित मन्दिर
थाई-मन्दिर।
तिब्बती-मन्दिर।
चीनी-मन्दिर।
जापानी-मन्दिर।
भूटान-मन्दिर।
म्यांमार-मन्दिर।
सब अपनी-शैली में।
✦ पहुँच और समय
गया रेलवे: 12 किमी।
पटना से 110 किमी।
हवाई: गया (5 किमी)।
कोलकाता से 460 किमी।
बुद्ध-पूर्णिमा (मई): 2026 — 1 मई।
सर्वोत्तम-समय: अक्टूबर-मार्च।
गर्मी अति-कठोर।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हिन्दू बौद्ध-स्थल क्यों जायें?▼
बुद्ध = विष्णु-9वाँ-अवतार। हिन्दू-बौद्ध एक-परम्परा-शाखाएँ। आध्यात्मिक-पर्यटन।
गया (पितृ-स्थल) और बोध-गया एक?▼
अलग। गया-शहर: हिन्दू-तीर्थ (विष्णु-पाद, श्राद्ध)। बोध-गया: 12 किमी दूर, बौद्ध-स्थल।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।