बोध-गया

बुद्ध-ज्ञान-स्थल — UNESCO विश्व-धरोहर

मन्दिर-ऊँचाई

170 फीट

वृक्ष

बोधि

बुद्ध-पूर्णिमा 2026

1 मई

बोध-गया — बिहार का बौद्ध-तीर्थ। महात्मा बुद्ध को बोधि-वृक्ष-नीचे ज्ञान-प्राप्ति का स्थल। UNESCO विश्व-धरोहर।

हिन्दुओं के लिए भी पवित्र: बुद्ध-विष्णु का 9वाँ-अवतार। दशावतार में सम्मिलित।

महाबोधि-मन्दिर

मूल-निर्माण: तीसरी-शताब्दी ईसा-पूर्व, सम्राट अशोक।

वर्तमान-स्वरूप: 5वीं-शताब्दी।

170 फीट ऊँचा।

बोधि-वृक्ष: मूल-वृक्ष का वंशज।

वज्रासन: बुद्ध-ध्यान-स्थल।

UNESCO 2002।

दैनिक 5000+ यात्री।

मुख्य-स्थल

महाबोधि-मन्दिर।

बोधि-वृक्ष।

वज्रासन।

चंक्रमण (बुद्ध-चलन-स्थल)।

मुचलिन्द-तालाब।

रत्नागार चैत्य।

7 सप्ताह-स्थल।

80 फीट बुद्ध-प्रतिमा (दैजोक्यो-जापान-निर्मित)।

अन्य देश-निर्मित मन्दिर

थाई-मन्दिर।

तिब्बती-मन्दिर।

चीनी-मन्दिर।

जापानी-मन्दिर।

भूटान-मन्दिर।

म्यांमार-मन्दिर।

सब अपनी-शैली में।

पहुँच और समय

गया रेलवे: 12 किमी।

पटना से 110 किमी।

हवाई: गया (5 किमी)।

कोलकाता से 460 किमी।

बुद्ध-पूर्णिमा (मई): 2026 — 1 मई।

सर्वोत्तम-समय: अक्टूबर-मार्च।

गर्मी अति-कठोर।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिन्दू बौद्ध-स्थल क्यों जायें?

बुद्ध = विष्णु-9वाँ-अवतार। हिन्दू-बौद्ध एक-परम्परा-शाखाएँ। आध्यात्मिक-पर्यटन।

गया (पितृ-स्थल) और बोध-गया एक?

अलग। गया-शहर: हिन्दू-तीर्थ (विष्णु-पाद, श्राद्ध)। बोध-गया: 12 किमी दूर, बौद्ध-स्थल।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।