आदित्य-हृदय स्तोत्रम् — सूर्य-स्तुति। वाल्मीकि-रामायण के युद्ध-काण्ड में। अगस्त्य-मुनि ने राम को रावण-वध-पूर्व सिखाई।
30 श्लोक। सूर्य-देव की महिमा। शत्रु-विजय, स्वास्थ्य, यश के लिए सर्व-श्रेष्ठ।
✦ कथा-सन्दर्भ
राम-रावण-युद्ध 7 दिनों से।
राम थक चुके। रावण नए-नए शस्त्र लाता।
अगस्त्य-मुनि प्रकट।
"हे राम! आदित्य-हृदय का पाठ करो।"
3-बार पाठ।
फिर रावण-वध।
तब से शक्ति-स्तोत्र।
✦ मुख्य-शिक्षाएँ
सूर्य = सब-देवों का स्वरूप।
ब्रह्मा-विष्णु-शिव सूर्य में।
तेज-स्वास्थ्य-शक्ति-दाता।
सर्व-रोग-नाशक।
दिव्य-दृष्टि-वर्द्धक।
सत्य-धर्म-संरक्षक।
✦ पाठ-विधि
प्रात:-सूर्योदय-समय।
स्नान-शुद्ध।
पूर्व-मुख।
सूर्य-दर्शन।
अर्घ्य।
3 बार पाठ (या 11 बार विशेष)।
गायत्री-संग।
सूर्य-नमस्कार के साथ।
दैनिक-15 मिनट।
✦ लाभ और विशेष-दिन
रविवार-विशेष।
सूर्य-संक्रान्ति।
रथ-सप्तमी।
छठ-पूजा।
नेत्र-स्वास्थ्य।
हृदय-स्वास्थ्य।
सरकारी-कार्य-सफलता।
नेतृत्व-वृद्धि।
यश-कीर्ति।
रोग-नाश।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आदित्य-हृदय और सूर्य-नमस्कार साथ?▼
श्रेष्ठ-संयोजन। प्रथम सूर्य-नमस्कार 12 बार। फिर आदित्य-हृदय। शक्ति-वर्द्धक।
रात्रि-पाठ?▼
सम्भव किन्तु प्रातः सर्वोत्तम। सूर्य-समय शक्ति अधिक। रात्रि मानसिक-पाठ ठीक।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।