आदि-शंकराचार्य — अद्वैत-वेदान्त के पुनरुद्धारक। 8वीं सदी के दार्शनिक। 32 वर्ष में महासमाधि।
मात्र 32 वर्ष में: 4-वेद-भाष्य, 4-मठ-स्थापना, सम्पूर्ण-भारत-यात्रा। हिन्दू-धर्म का पुनरुद्धार।
✦ जीवन-संक्षेप
जन्म: 788 ई. (या 509 ईसा-पूर्व, मतभेद), कालडी (केरल)।
पिता: शिवगुरु। माँ: आर्याम्बा।
3 आयु: वेद-स्मृति।
5 आयु: उपनयन-संस्कार।
8 आयु: सन्न्यास।
गुरु: गोविन्द-भगवत्पाद।
देहत्याग: 820 ई. केदारनाथ में, 32 आयु।
✦ मुख्य-कार्य
10 उपनिषद्-भाष्य।
ब्रह्मसूत्र-भाष्य।
भगवद्गीता-भाष्य।
विवेक-चूड़ामणि।
भज-गोविन्दम्।
सौन्दर्य-लहरी।
कनकधारा-स्तोत्र।
100+ ग्रन्थ।
✦ 4 मठ-स्थापना
1. **शृंगेरी** (दक्षिण): यजुर्वेद। शिष्य: सुरेश्वराचार्य।
2. **द्वारका** (पश्चिम): सामवेद। शिष्य: हस्तामलकाचार्य।
3. **पुरी** (पूर्व): ऋग्वेद। शिष्य: पद्मपादाचार्य।
4. **ज्योतिर्मठ** (उत्तर): अथर्ववेद। शिष्य: तोटकाचार्य।
✦ दिग्विजय (देश-विजय)
सम्पूर्ण-भारत-पैदल-यात्रा 3-बार।
मण्डन मिश्र से वाद-विवाद-विजय।
उभय-भारती (मण्डन की पत्नी) से शास्त्रार्थ।
बौद्ध-जैन से शास्त्रार्थ।
हिन्दू-धर्म-पुनरुद्धार।
तंत्र-वैष्णव-शैव-शाक्त-गाणपत्य-सौर 6 सम्प्रदाय एकीकरण।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
32 वर्ष में सब कैसे?▼
अद्भुत-स्मृति। निरन्तर-यात्रा। शिष्य-सहयोग। दिव्य-कृपा। भक्तों के लिए चमत्कारिक।
जन्म-तिथि-विवाद?▼
पारम्परिक: 788 ई. कुछ-मठ: 509 ईसा-पूर्व। दोनों मत-शास्त्रीय। पारम्परिक 788 अधिक स्वीकार्य।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।