व्रत के सामान्य नियम

4 प्रकार — निर्जला, फलाहारी, एक-समय, अल्पाहार

सबसे-कठोर

निर्जला

सामान्य

फलाहारी

सरल

अल्पाहार

व्रत — हिन्दू-धर्म का आध्यात्मिक-अभ्यास। मन-शुद्धि, इन्द्रिय-नियन्त्रण, ईश्वर-कृपा। दैनिक से वार्षिक तक अनेक-प्रकार।

सामान्य-नियम सब व्रतों के लिए लागू। निर्जला-फलाहार-एक-समय भोजन के विकल्प।

व्रत के 12 सामान्य-नियम

1. संकल्प पूर्व-दिन।

2. प्रात:-स्नान।

3. नये/शुद्ध वस्त्र।

4. पूजा-स्थान शुद्ध।

5. मांस-मदिरा-प्याज-लहसुन त्याग।

6. ब्रह्मचर्य।

7. क्रोध-झूठ-ईर्ष्या त्याग।

8. मधुर-वाणी।

9. दान-पुण्य।

10. कथा-श्रवण।

11. ब्राह्मण-भोज (समापन पर)।

12. पारण-समय का सख्त-पालन।

व्रत-प्रकार

निर्जला: बिना-जल। सबसे-कठोर। एकादशी, करवा-चौथ।

फलाहारी: फल, दूध, मेवे। चावल-गेहूँ-दाल वर्जित। नवरात्रि।

एक-समय: एक-बार सात्विक-भोजन। शिवरात्रि।

अल्पाहार: हल्का-खाना दिन में 2 बार। साधारण-व्रत।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहली-बार व्रत — कैसे शुरू?

अल्पाहार से शुरू। 2-3 बार सफल → फलाहारी। 5+ → निर्जला। शरीर को क्रमश: तैयार करें।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।