व्रत — हिन्दू-धर्म का आध्यात्मिक-अभ्यास। मन-शुद्धि, इन्द्रिय-नियन्त्रण, ईश्वर-कृपा। दैनिक से वार्षिक तक अनेक-प्रकार।
सामान्य-नियम सब व्रतों के लिए लागू। निर्जला-फलाहार-एक-समय भोजन के विकल्प।
✦ व्रत के 12 सामान्य-नियम
1. संकल्प पूर्व-दिन।
2. प्रात:-स्नान।
3. नये/शुद्ध वस्त्र।
4. पूजा-स्थान शुद्ध।
5. मांस-मदिरा-प्याज-लहसुन त्याग।
6. ब्रह्मचर्य।
7. क्रोध-झूठ-ईर्ष्या त्याग।
8. मधुर-वाणी।
9. दान-पुण्य।
10. कथा-श्रवण।
11. ब्राह्मण-भोज (समापन पर)।
12. पारण-समय का सख्त-पालन।
✦ व्रत-प्रकार
निर्जला: बिना-जल। सबसे-कठोर। एकादशी, करवा-चौथ।
फलाहारी: फल, दूध, मेवे। चावल-गेहूँ-दाल वर्जित। नवरात्रि।
एक-समय: एक-बार सात्विक-भोजन। शिवरात्रि।
अल्पाहार: हल्का-खाना दिन में 2 बार। साधारण-व्रत।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पहली-बार व्रत — कैसे शुरू?▼
अल्पाहार से शुरू। 2-3 बार सफल → फलाहारी। 5+ → निर्जला। शरीर को क्रमश: तैयार करें।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।