2026 की 24 एकादशी — सम्पूर्ण-तालिका। प्रत्येक माह 2 (शुक्ल + कृष्ण)। पारम्परिक-नाम, तिथि, पारण-समय।
मुख्य: निर्जला (17 जून), देवशयनी (25 जुलाई), देवउठनी (20 नवम्बर), मोक्षदा (11 दिसम्बर — गीता-जयन्ती)।
✦ 2026 की 24 एकादशी
जनवरी: 5 (सफला), 19 (पुत्रदा)।
फरवरी: 4 (षट्तिला), 18 (जया)।
मार्च: 5 (विजया), 19 (आमलकी)।
अप्रैल: 4 (पापमोचनी), 18 (कामदा)।
मई: 4 (वरूथिनी), 18 (मोहिनी)।
जून: 2 (अपरा), 17 (निर्जला — सर्वश्रेष्ठ)।
जुलाई: 1 (योगिनी), 16 (देवशयनी — चातुर्मास शुरू)।
अगस्त: 31 जुलाई (कामिका), 14 (पुत्रदा/पवित्रा)।
सितम्बर: 29 अगस्त (अजा), 13 (परिवर्तिनी)।
अक्टूबर: 28 सितम्बर (इन्दिरा), 13 (पापांकुशा)।
नवम्बर: 27 अक्टूबर (रमा), 11 (देवउठनी — चातुर्मास समाप्त)।
दिसम्बर: 26 नवम्बर (उत्पन्ना), 11 (मोक्षदा/गीता-जयन्ती), 25 (सफला)।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सबसे शक्तिशाली एकादशी?▼
निर्जला (17 जून 2026) — एक-व्रत = वर्ष की 24 एकादशियों का फल। महाभारत में भीम ने केवल यही की थी।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।