सर्जरी / ऑपरेशन-मुहूर्त — चिकित्सा-शास्त्र में शल्य-कर्म का शुभ-समय। आधुनिक-medical-emergency में मुहूर्त छूट जाये पर planned-surgery (joint-replacement, bypass, हार्निया, मोतियाबिन्द आदि) के लिए मुहूर्त सलाहयोग्य।
मूल-नियम: मंगलवार-शनिवार (मंगल = शस्त्र-कारक) श्रेष्ठ। अमृत/लाभ-चौघड़िया। चन्द्र-बल अनिवार्य। राहु-काल वर्जित।
✦ सर्जरी के लिए श्रेष्ठ-समय
वार: मंगलवार (मंगल = शस्त्र-कारक), शनिवार। बुध-गुरु-शुक्र भी स्वीकार्य।
तिथि: 1, 4, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13। 14, अमावस्या वर्जित (कुछ शाखा)।
नक्षत्र: अश्विनी (आरोग्य-नक्षत्र), पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, मूल (शल्य-कर्म-कारक), श्रवण, रेवती।
चौघड़िया: अमृत, शुभ, लाभ। काल/रोग/उद्वेग वर्जित।
चन्द्र-बल: चन्द्रमा 6, 8, 12वीं राशि में न हो (रोगी की जन्म-राशि से)।
✦ सर्जरी-पूर्व 5 उपाय
1. महामृत्युञ्जय-मन्त्र 108 बार दैनिक — surgery से 7 दिन पूर्व से।
2. धन्वन्तरि-स्तोत्र-पाठ — चिकित्सा-देवता।
3. हनुमान-चालीसा 11 बार — साहस + संकट-निवारण।
4. आयुर्वेदिक: तुलसी-पानी, तिल-तेल मसाज, सात्विक भोजन।
5. परिवार दान — गाय-भोजन, ब्राह्मण-भोज, गरीब-दवाई-दान।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Emergency-surgery में मुहूर्त?▼
जीवन-संकट-स्थिति में चिकित्सा सर्वोपरि। मुहूर्त छोड़ें। पर surgery-समय पर महामृत्युञ्जय-जप — परिवार करें। डॉक्टर-निर्णय अनिवार्य।
राहु-काल में surgery क्यों वर्जित?▼
राहु = अप्रत्याशित-घटना-कारक। राहु-काल में surgery = जटिलता-संकेत (पारम्परिक)। यदि अनिवार्य — कम-से-कम राहु-काल-समाप्ति बाद। डॉक्टर-समय-shift।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।