पुष्कर ब्रह्मा-मन्दिर — राजस्थान के पुष्कर में। विश्व का एकमात्र-प्रमुख ब्रह्मा-मन्दिर। पुष्कर-झील के तट पर। 14वीं सदी।
कार्तिक-पूर्णिमा-मेला: सबसे-बड़ा ऊँट-मेला। 5-दिन। पवित्र-पुष्कर-स्नान।
✦ पौराणिक-कथा
ब्रह्मा ने यज्ञ हेतु कमल-गिराया।
3 स्थानों पर गिरा: ज्येष्ठ, मध्य, कनिष्ठ पुष्कर।
यज्ञ-काल पत्नी सावित्री देर से।
गायत्री-कन्या से विवाह कर यज्ञ-शुरू।
सावित्री-क्रोध: ब्रह्मा-पूजा पृथ्वी पर मात्र पुष्कर में।
तब से एकमात्र-ब्रह्मा-मन्दिर।
✦ पुष्कर-झील
52 घाट।
पवित्र-स्नान-स्थल।
कार्तिक-पूर्णिमा सर्व-शुभ।
पितृ-तर्पण-स्थल।
हर-घाट का अलग-नाम।
✦ दर्शन-समय
सुबह 5 — दोपहर 1, सायं 3 — रात्रि 9।
गर्भ-गृह-दर्शन।
चांदी-कछुआ (मध्य-तल पर)।
हंस-वाहन।
4-मुख-ब्रह्मा।
कार्तिक-पूर्णिमा-मेला: 4-9 नवम्बर 2026।
✦ पहुँच
अजमेर से 14 किमी।
जयपुर से 145 किमी।
हवाई: जयपुर/किशनगढ़।
रेलवे: अजमेर।
सावित्री-मन्दिर पर्वत पर।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विश्व का एकमात्र ब्रह्मा-मन्दिर सत्य?▼
प्रमुख-एकमात्र हाँ। छोटे-कुछ अन्य (ओडिशा, तमिलनाडु) हैं किन्तु पुष्कर सर्व-प्रसिद्ध।
कार्तिक-मेला कब?▼
कार्तिक शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा। 2026: 4-9 नवम्बर। ऊँट-व्यापार + तीर्थ।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।