नाग पंचमी 2026

17 अगस्त 2026 (सोमवार) — श्रावण शुक्ल पंचमी

पूजा-समय

5:50 AM-12 PM

मुख्य-मन्त्र

ॐ नागदेवताभ्यो नमः

भोग

दूध, खीर

नाग-पंचमी — श्रावण-शुक्ल-पंचमी पर नाग-देवताओं की पूजा। 2026 में नाग-पंचमी 19 अगस्त (बुधवार)। 8 नाग-देवताओं (अनन्त, वासुकी, तक्षक, कर्कोटक, पद्म, महापद्म, शंखपाल, कुलिक) की पूजा। काल-सर्प-दोष-निवारण का सर्वोच्च-दिन।

पुराण: श्रीकृष्ण ने यमुना में कालिया-नाग का दमन किया था इसी-काल में। नाग-पंचमी पर नाग-दर्शन-पूजा-दूध-अर्पण से अकाल-मृत्यु, सर्प-भय, काल-सर्प-दोष से रक्षा।

नाग-पंचमी 2026 — मुहूर्त

पंचमी-तिथि प्रारम्भ: 18 अगस्त 2026 रात्रि 11:00 PM। समाप्त: 19 अगस्त रात्रि 8:30 PM।

पूजा-मुहूर्त: 19 अगस्त प्रात: 5:50 AM से दोपहर 12:00 PM तक। श्रेष्ठ — सूर्योदय बाद का अमृत-चौघड़िया।

पूजा-विधि

सामग्री: नाग-मूर्ति/चित्र (चांदी की), दूध, हल्दी, चन्दन, अक्षत, फूल, धूप, दीप, मिठाई, गन्ना, खीर।

विधि: नाग-मूर्ति/प्रतिमा को पञ्चामृत-स्नान। हल्दी-कुंकुम-तिलक। दूध का अर्पण (सर्वोत्तम)। मिठाई-भोग।

मन्त्र: "ॐ नागदेवताभ्यो नमः" 108 बार। नाग-स्तोत्र-पाठ।

घर-शुद्धि: मुख्य-द्वार पर गाय के गोबर से 9-नाग का चित्र। हल्दी-चन्दन से।

विशेष: मन्दिर/नाग-स्थल पर पूजा। सर्प-दर्शन हो — नमस्कार। मारें नहीं।

काल-सर्प-दोष-निवारण

काल-सर्प-दोष-वाले के लिए नाग-पंचमी सर्वश्रेष्ठ-निवारण-दिन।

त्र्यम्बकेश्वर/कालहस्ती में काल-सर्प-पूजा। यदि न-सम्भव — स्थानीय-शिव-मन्दिर में नाग-पूजा।

108 बार "ॐ नागदेवताय नमः" + 108 बार "ॐ नमः शिवाय"।

चांदी का नाग-जोड़ा बहती-नदी में विसर्जित। दूध-दान।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सच्चे साँप को दूध पिलाना उचित?

नहीं — सर्प-शास्त्रीय-दृष्टि से दूध हानिकारक (सर्प lactose-intolerant)। मूर्ति/प्रतिमा को दूध-अर्पण ही करें। जीवित-सर्प पर पानी ही पर्याप्त।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।