महालक्ष्मी मन्दिर कोल्हापुर — महाराष्ट्र। 51 शक्ति-पीठों में एक। माँ अम्बाबाई (महालक्ष्मी) का धाम। 7वीं सदी।
तिरुपति की पत्नी (मान्यता)। दक्षिण-काशी। तिरुपति-दर्शन के बाद कोल्हापुर अनिवार्य।
✦ विशेषताएँ
काले-पाषाण-मूर्ति।
40 किलो वजन।
3 फीट ऊँची।
सिर पर मुकुट + 5-फणी-नाग।
हीरे-मणियाँ।
चालुक्य-काल का मन्दिर।
UNESCO-नामांकित।
✦ किरणोत्सव (Sun-Festival)
वर्ष में 2 बार।
31 जनवरी और 9 नवम्बर।
सूर्य की किरणें मूर्ति पर सीधी।
3 दिन। दैनिक 3 मिनट।
खगोल-वास्तु-अद्वितीय।
हजारों भक्त।
✦ दर्शन
सुबह 4:30 — रात्रि 10:30।
5 आरतियाँ दैनिक।
सर्व-दर्शन: निःशुल्क।
VIP-दर्शन: ₹100।
नवरात्रि: अति-विशेष।
शुक्रवार: विशेष-शृंगार।
किरणोत्सव-दिन: सीमित-प्रवेश।
✦ पहुँच
कोल्हापुर रेलवे + हवाई।
मुम्बई से 380 किमी।
पुणे से 240 किमी।
गोवा से 220 किमी।
ज्योतिबा-मन्दिर 18 किमी।
नरसोबाची-वाडी 50 किमी।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किरणोत्सव क्या?▼
सूर्य-किरणें वास्तु-अनुसार मूर्ति पर सीधी पड़तीं। 31 जनवरी और 9 नवम्बर। 7वीं-सदी का गणित। चमत्कारी।
दक्षिण-काशी क्यों?▼
जैसे काशी मोक्ष-नगर, कोल्हापुर महालक्ष्मी-धाम। मोक्ष-तीर्थ।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।