महालक्ष्मी कोल्हापुर

महाराष्ट्र की दक्षिण-काशी — माँ अम्बाबाई

शक्ति-पीठ

51 में एक

किरणोत्सव

31 जन/9 नव

सदी

7वीं

महालक्ष्मी मन्दिर कोल्हापुर — महाराष्ट्र। 51 शक्ति-पीठों में एक। माँ अम्बाबाई (महालक्ष्मी) का धाम। 7वीं सदी।

तिरुपति की पत्नी (मान्यता)। दक्षिण-काशी। तिरुपति-दर्शन के बाद कोल्हापुर अनिवार्य।

विशेषताएँ

काले-पाषाण-मूर्ति।

40 किलो वजन।

3 फीट ऊँची।

सिर पर मुकुट + 5-फणी-नाग।

हीरे-मणियाँ।

चालुक्य-काल का मन्दिर।

UNESCO-नामांकित।

किरणोत्सव (Sun-Festival)

वर्ष में 2 बार।

31 जनवरी और 9 नवम्बर।

सूर्य की किरणें मूर्ति पर सीधी।

3 दिन। दैनिक 3 मिनट।

खगोल-वास्तु-अद्वितीय।

हजारों भक्त।

दर्शन

सुबह 4:30 — रात्रि 10:30।

5 आरतियाँ दैनिक।

सर्व-दर्शन: निःशुल्क।

VIP-दर्शन: ₹100।

नवरात्रि: अति-विशेष।

शुक्रवार: विशेष-शृंगार।

किरणोत्सव-दिन: सीमित-प्रवेश।

पहुँच

कोल्हापुर रेलवे + हवाई।

मुम्बई से 380 किमी।

पुणे से 240 किमी।

गोवा से 220 किमी।

ज्योतिबा-मन्दिर 18 किमी।

नरसोबाची-वाडी 50 किमी।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरणोत्सव क्या?

सूर्य-किरणें वास्तु-अनुसार मूर्ति पर सीधी पड़तीं। 31 जनवरी और 9 नवम्बर। 7वीं-सदी का गणित। चमत्कारी।

दक्षिण-काशी क्यों?

जैसे काशी मोक्ष-नगर, कोल्हापुर महालक्ष्मी-धाम। मोक्ष-तीर्थ।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।