जीवित्पुत्रिका व्रत 2026

4 अक्टूबर 2026 (रवि) — आश्विन कृष्ण अष्टमी (अष्टमी क्षय)

अष्टमी

14 Sep 8 PM-15 Sep 7 PM

अवधि

24 घंटे निर्जला

पारण

16 Sep सूर्योदय बाद

जीवित्पुत्रिका-व्रत (जितिया) — माताएँ अपनी सन्तान की दीर्घायु-स्वास्थ्य के लिए कठोर-निर्जला-व्रत। आश्विन-कृष्ण-अष्टमी पर। 2026 में जीवित्पुत्रिका 4 अक्टूबर (रविवार)। 24-घंटे का निर्जला-व्रत।

जितिया 2026

अष्टमी प्रारम्भ: 3 अक्टूबर 2026। समाप्त: 4 अक्टूबर 2026 (अष्टमी क्षय - मध्याह्न आधारित)।

नहाय-खाय: 3 अक्टूबर — एक-समय सात्विक-भोजन।

मुख्य-व्रत: 4 अक्टूबर 24 घंटे निर्जला।

पूजा: सायं जीमूतवाहन-कथा। चील-सियार की मिट्टी-मूर्ति।

पारण: 5 अक्टूबर सूर्योदय बाद।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीमूतवाहन कौन?

गन्धर्व-राजकुमार। नागों के बच्चों को बचाने के लिए स्वयं बलिदान। उनकी कथा से सन्तान-दीर्घायु।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।