अक्षय तृतीया 2026: यह दिन क्यों है सबसे शुभ

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अक्षय तृतीया 2026: यह दिन क्यों है सबसे शुभ

अक्षय तृतीया की संपूर्ण गाइड — हिन्दू वर्ष का सबसे शुभ दिन। सोना खरीदारी, विवाह, व्यापार के लिए।

2026-04-15

लेखक: मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम

पंचांग एवं मुहूर्त सन्दर्भ

✦ प्रकाशित: समीक्षित:

मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम द्वारा संकलित

अक्षय तृतीया, वैशाख शुक्ल तृतीया को आती है, हिन्दू कैलेंडर का सबसे शुभ दिन माना जाता है। "अक्षय" शब्द का अर्थ है "क्षय न होने वाला" — इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य अक्षय फल देता है।

अक्षय तृतीया 2026 कब है?

अक्षय तृतीया 2026 — 20 अप्रैल 2026 (सोमवार)। तिथि 19 अप्रैल से 20 अप्रैल तक।

इतना शुभ क्यों?

पौराणिक महत्व

  1. 1**सत्य युग का प्रारम्भ**: ब्रह्मा ने इसी दिन सत्य युग का आरम्भ किया
  2. 2**व्यास ने महाभारत लिखना शुरू किया**: महर्षि व्यास ने इसी दिन महाभारत-लेखन प्रारम्भ किया
  3. 3**कृष्ण ने सुदामा को धन दिया**: श्री कृष्ण ने अपने बचपन के मित्र सुदामा को इसी दिन धन-धन्य प्रदान किया
  4. 4**बद्रीनाथ कपाट खुलते हैं**: उत्तराखण्ड में बद्रीनाथ-मन्दिर के कपाट इसी दिन खुलते
  5. 5**त्रेता युग का आरम्भ**: कुछ परम्पराओं के अनुसार इसी दिन त्रेता युग का आरम्भ हुआ

खगोलीय महत्व

सूर्य मेष-राशि में और चन्द्र वृषभ-राशि में — दोनों उच्च-राशि में। यह दुर्लभ-संयोग वर्ष में केवल एक बार आता है।

अक्षय तृतीया पर 7 श्रेष्ठ कार्य

1. सोना-चांदी की खरीदारी सबसे प्रसिद्ध परम्परा। 1 ग्राम सोना खरीदना भी शुभ। मान्यता: इस दिन खरीदा सोना कई गुना बढ़ता है।

2. विवाह संस्कार अक्षय तृतीया "अबूझ मुहूर्त" — मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं। आज का कोई भी विवाह आशीर्वाद-युक्त।

3. नया व्यापार / कार्यालय आज नया उद्यम शुरू करना दीर्घायु एवं समृद्धि देता है।

4. गृह प्रवेश नये घर में आज प्रवेश करना स्थायी सुख लाता है।

5. दान-पुण्य ब्राह्मणों एवं गरीबों को भोजन, वस्त्र, जल-पात्र, छाता दान करना अक्षय पुण्य।

6. तीर्थ यात्रा बद्रीनाथ, गंगा, यमुना, या किसी पवित्र स्थान की यात्रा। पवित्र स्नान।

7. मन्त्र दीक्षा आज गुरु से दीक्षा लेना जीवन-भर के आध्यात्मिक लाभ देता है।

क्षेत्रीय परम्पराएँ

उत्तर भारत - सोना-चांदी की भारी खरीदारी - पारिवारिक मिलन - विशेष पूजा

दक्षिण भारत - सिम्हाचलम, तिरुमला जैसे मन्दिरों के दर्शन - विशेष अभिषेक - पितृ-तर्पण (अक्षय तृतीया श्रेष्ठ)

बंगाल - "हलखाता" — व्यापारी नई बही-खाता खोलते हैं - लक्ष्मी पूजा - पारम्परिक मिठाइयाँ

गुजरात - ज्वैलर्स पर सोना खरीदारी - विशेष भोजन - द्वारका दर्शन

पूजा विधि — चरण-दर-चरण

  1. 1**प्रात: स्नान** गंगाजल मिलाकर
  2. 2**पीला/सफेद** स्वच्छ-वस्त्र
  3. 3**पूजा-स्थल** गणेश-लक्ष्मी मूर्ति-सहित
  4. 4**सूर्य-अर्घ्य** पूर्व दिशा-मुख
  5. 5**विष्णु-सहस्रनाम** या "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय"
  6. 6**दीप** घी का जलायें
  7. 7**फूल** अर्पण — विशेषतः पीले-फूल
  8. 8**भोग**: खीर, हलवा, ताज़े फल
  9. 9**दान** भोजन, वस्त्र, जल-पात्र
  10. 10**अक्षय तृतीया कथा** पढ़ें

मन्त्र

लक्ष्मी मन्त्र "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः"

विष्णु मन्त्र "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय"

क्या न करें

  • विवाद, क्रोध-भाव त्यागें
  • मांसाहार वर्जित
  • ऋण लेना/देना (कुछ परम्पराएँ)
  • नये-विवाद/कानूनी-कार्य से बचें
  • भोजन-व्यर्थ न करें

निष्कर्ष

अक्षय तृतीया केवल "सोना खरीदने का दिन" नहीं — यह शक्तिशाली आध्यात्मिक अवसर है जब दिव्य ऊर्जा नये-आरम्भों के लिए संरेखित होती। इस दिन का सोच-समझ कर उपयोग करें — कृतज्ञता, दान, साधना, सार्थक नये-उद्यमों के लिए।

📝सम्पादकीय टिप्पणी

इस लेख की रचना हमारी सम्पादकीय टीम ने मूल संस्कृत ज्योतिष ग्रन्थों — बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, मुहूर्त चिन्तामणि, सूर्य सिद्धान्त — से प्रत्यक्ष अध्ययन के पश्चात् की है। हमने आधुनिक खगोलीय गणनाओं से इन सिद्धान्तों का सत्यापन भी किया है। यदि आपको कोई त्रुटि मिले अथवा कोई सुझाव हो तो कृपया हमें muhuratchoghadiya@gmail.com पर ईमेल करें। हम आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत करते हैं।

सत्यापन स्रोत: Wikipedia: Hindu CalendarPanchangamSurya SiddhantaLahiri Ayanamsa

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्षय तृतीया पर सोना क्यों खरीदते हैं?

इस दिन खरीदा सोना कई गुना बढ़ता है — पारम्परिक मान्यता। "अक्षय" ऊर्जा अक्षय-धन सुनिश्चित करती।

क्या अक्षय तृतीया केवल सोना खरीदने के लिए है?

नहीं। यह किसी भी नये-आरम्भ के लिए सबसे शुभ — विवाह, व्यापार, गृह-प्रवेश, दान, मन्त्र-दीक्षा।

क्या गरीब लोग अक्षय तृतीया से लाभ ले सकते हैं?

अवश्य। पानी, भोजन, पंखा, छाता गरीबों को दान — अक्षय पुण्य देता। सोना खरीदने के बराबर या अधिक फल।

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॥ ॐ शुभं भवतु ॥