विवाह मुहूर्त कैसे चुनें

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विवाह मुहूर्त कैसे चुनें

हिंदू ज्योतिष के अनुसार शुभ विवाह तिथि चुनने की संपूर्ण गाइड — तिथि, नक्षत्र और अन्य कारकों पर आधारित।

2026-01-25

लेखक: मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम

पंचांग एवं मुहूर्त सन्दर्भ

✦ प्रकाशित: समीक्षित:

मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम द्वारा संकलित

विवाह को हिंदू परंपरा में सबसे पवित्र संस्कारों में से एक माना जाता है। शुभ विवाह तिथि का चयन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह जोड़े के विवाहित जीवन के लिए ब्रह्मांडीय आधार स्थापित करता है।

विवाह मुहूर्त का महत्व

हिंदू विवाह समारोह में सात पवित्र वचन (सप्तपदी) शामिल हैं और दो आत्माओं को पवित्र मिलन में बांधता है। सही मुहूर्त चुनना सुनिश्चित करता है: - ग्रह स्थितियों के साथ ब्रह्मांडीय सामंजस्य - दीर्घकालिक सुखी विवाहित जीवन - समृद्धि और प्रजनन - नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा - दैवीय आशीर्वाद

विचार करने योग्य मुख्य कारक

1. शुभ हिंदू मास **विवाह के लिए सर्वोत्तम मास:** - माघ (जन-फर) - फाल्गुन (फर-मार्च) - वैशाख (अप्रैल-मई) - ज्येष्ठ (मई-जून) - मार्गशीर्ष (नव-दिस)

बचने योग्य मास: - आषाढ़ (जून-जुलाई) — देवशयनी काल शुरू - श्रावण, भाद्रपद, आश्विन — चातुर्मास - कार्तिक का पहला आधा (देवउठनी एकादशी तक)

2. शुभ तिथियां **अनुशंसित:** - द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी

बचें: - चतुर्थी, षष्ठी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी - अमावस्या - सभी कृष्ण पक्ष की तिथियां (शुक्ल पक्ष चुनना बेहतर)

3. शुभ नक्षत्र **विवाह के लिए सर्वोत्तम नक्षत्र:** - रोहिणी - मृगशिरा - मघा (पहले चरण को छोड़कर) - उत्तरा फाल्गुनी - हस्त - स्वाती - अनुराधा - मूल - उत्तराषाढ़ा - उत्तरा भाद्रपद - रेवती

4. सप्ताह के शुभ दिन **अच्छे दिन:** - सोमवार (सोम) — चंद्रमा द्वारा शासित - बुधवार (बुध) — बुध द्वारा शासित - गुरुवार (गुरु) — बृहस्पति द्वारा शासित (सर्वाधिक शुभ) - शुक्रवार (शुक्र) — शुक्र द्वारा शासित

बचने योग्य दिन: - मंगलवार (मंगल) — मंगल द्वारा शासित - शनिवार (शनि) — शनि द्वारा शासित - रविवार (सूर्य) — मिश्रित (कम पसंदीदा)

5. लग्न (Ascendant) विचार विवाह लग्न होना चाहिए: - "स्थिर" राशि (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुम्भ) - या "द्विस्वभाव" राशि (मिथुन, कन्या, धनु, मीन) - वास्तविक समारोह के लिए "चर" राशि (मेष, कर्क, तुला, मकर) से बचें

विशेष अवधियां जिनसे बचना है

अधिक मास (अतिरिक्त महीना) हर 32-33 महीनों में होने वाला यह अंतर्वर्ती महीना विवाह सहित नए कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है।

तारा बल दूल्हे के नक्षत्र के सापेक्ष दुल्हन का नक्षत्र मजबूत होना चाहिए।

चंद्र बल दुल्हन और दूल्हे दोनों के जन्म चंद्रमा से चंद्रमा की स्थिति अनुकूल होनी चाहिए।

मांगलिक दोष यदि किसी भी साथी का मंगल 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में है, तो वे मांगलिक हैं। विशेष विचार लागू होते हैं।

2026 में शुभ विवाह तिथियां

2026 में विवाह के लिए सर्वोत्तम तिथियां: - जनवरी 15-22, 26, 29 - फरवरी 1, 5, 16, 20, 23 - मार्च 2, 12 - अप्रैल 20, 24, 27 - मई 4, 18, 21, 28 - जून 1, 4, 8 - नवंबर 16, 19, 23, 30 - दिसंबर 7, 10, 14

अंतिम चरण

  1. 1**कुंडली मिलान** — अष्टकूट संगतता की जांच करें
  2. 2**कई स्रोतों से परामर्श** — पंचांग के साथ क्रॉस-संदर्भ
  3. 3**योग्य ज्योतिषाचार्य से मिलें** — वे व्यक्तिगत जन्म कुंडली पर विचार करते हैं
  4. 4**व्यावहारिक पहलुओं की योजना** — स्थान, मेहमान, मौसम
  5. 5**गणेश पूजा करें** — तिथि अंतिम रूप देने से पहले

निष्कर्ष

विवाह मुहूर्त का चयन एक गंभीर मामला है जो प्राचीन वैदिक ज्ञान को व्यावहारिक विचारों के साथ जोड़ता है। हालांकि सामान्य दिशानिर्देश मदद करते हैं, अंतिम निर्णय में हमेशा एक जानकार ज्योतिषाचार्य शामिल होना चाहिए जो दोनों भागीदारों की विशिष्ट जन्म कुंडली का मिलान कर सके। अपनी शादी के लिए उपयुक्त तिथियां खोजने के लिए हमारे विवाह मुहूर्त 2026 कैलेंडर का उपयोग करें।

📝सम्पादकीय टिप्पणी

इस लेख की रचना हमारी सम्पादकीय टीम ने मूल संस्कृत ज्योतिष ग्रन्थों — बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, मुहूर्त चिन्तामणि, सूर्य सिद्धान्त — से प्रत्यक्ष अध्ययन के पश्चात् की है। हमने आधुनिक खगोलीय गणनाओं से इन सिद्धान्तों का सत्यापन भी किया है। यदि आपको कोई त्रुटि मिले अथवा कोई सुझाव हो तो कृपया हमें muhuratchoghadiya@gmail.com पर ईमेल करें। हम आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत करते हैं।

सत्यापन स्रोत: Wikipedia: Hindu CalendarPanchangamSurya SiddhantaLahiri Ayanamsa

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिंदू परंपरा में विवाह के लिए सबसे अच्छा महीना कौन सा है?

माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ और मार्गशीर्ष विवाह के लिए सबसे शुभ महीने माने जाते हैं।

कुछ महीनों में विवाह क्यों नहीं किया जाता?

चातुर्मास (आषाढ़ से कार्तिक) के दौरान, भगवान विष्णु ब्रह्मांडीय निद्रा में माने जाते हैं, जिससे ये महीने नए कार्यों के लिए अशुभ हो जाते हैं।

क्या मांगलिक व्यक्ति गैर-मांगलिक से विवाह कर सकते हैं?

हाँ, उचित उपाय और ज्योतिषीय परामर्श के साथ। दूसरे मांगलिक से विवाह भी दोष को रद्द कर देता है।

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॥ ॐ शुभं भवतु ॥