आज का शुभ मुहूर्त कैसे निकालें

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आज का शुभ मुहूर्त कैसे निकालें

पंचांग, चोघड़िया, तिथि और नक्षत्र का उपयोग करके किसी भी कार्य के लिए शुभ मुहूर्त निकालने की संपूर्ण गाइड।

2026-01-15

लेखक: मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम

पंचांग एवं मुहूर्त सन्दर्भ

✦ प्रकाशित: समीक्षित:

मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम द्वारा संकलित

भारतीय परंपरा में किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए सही शुभ मुहूर्त निकालना एक मौलिक प्रथा है। यह अवधारणा हजारों वर्षों पुरानी है और सावधानीपूर्वक खगोलीय और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है।

शुभ मुहूर्त क्या है?

शुभ मुहूर्त एक विशिष्ट समय अवधि को कहते हैं जिसे नए कार्यों, समारोहों या महत्वपूर्ण गतिविधियों को शुरू करने के लिए शुभ माना जाता है। यह शब्द संस्कृत से आया है — "शुभ" अर्थात मंगलकारी और "मुहूर्त" अर्थात समय का एक विशेष क्षण।

एक पारंपरिक मुहूर्त लगभग 48 मिनट का होता है, और पूरे दिन को 30 मुहूर्तों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक मुहूर्त का अपना अधिपति ग्रह और विशेषताएं होती हैं जो विभिन्न गतिविधियों के लिए उसकी उपयुक्तता निर्धारित करती हैं।

शुभ मुहूर्त निकालने की विधियां

1. पंचांग विधि सबसे प्रामाणिक तरीका पंचांग के माध्यम से है — हिंदू पंचांग जो पांच तत्वों (पंच अंग) को ट्रैक करता है: - **तिथि** (चंद्र दिवस) - **नक्षत्र** (तारा समूह) - **योग** (शुभ संयोग) - **करण** (अर्ध-तिथि) - **वार** (सप्ताह का दिन)

शुभ मुहूर्त के लिए, सभी पांच तत्व आपकी विशिष्ट गतिविधि के लिए अनुकूल होने चाहिए।

2. चोघड़िया विधि एक सरल दैनिक विधि जिसमें 16 समय स्लॉट (8 दिन + 8 रात) होते हैं: - **अमृत, शुभ, लाभ** — सबसे शुभ - **चर** — यात्रा के लिए अच्छा - **रोग, काल, उद्वेग** — अशुभ

3. होरा विधि प्रत्येक दिन को 24 होराओं (एक घंटे की) में विभाजित किया जाता है, प्रत्येक होरा पर सात ग्रहों में से एक का शासन होता है। बृहस्पति, शुक्र या चंद्रमा जैसे शुभ ग्रहों द्वारा शासित होरा चुनें।

अशुभ समय से बचाव

शुभ मुहूर्त के भीतर भी इनसे बचें: - राहु काल (दैनिक 1.5 घंटे, सप्ताह के दिन के अनुसार बदलता है) - यमगंड (दैनिक 1.5 घंटे) - गुलिक काल (दैनिक 1.5 घंटे) - विष्टि (भद्रा) करण — अत्यंत अशुभ - सूर्य/चंद्र ग्रहण — सभी गतिविधियों से बचें

विशेष मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त दिन का 8वां मुहूर्त (सौर दोपहर के आसपास), लगभग 48 मिनट का। सार्वभौमिक रूप से शुभ माना जाता है।

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:00-5:30 बजे का समय, आध्यात्मिक साधना, ध्यान और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए आदर्श।

गोधूलि मुहूर्त सूर्यास्त के तुरंत बाद का "गाय-धूल" समय — विवाह के लिए शुभ माना जाता है।

निष्कर्ष

शुभ मुहूर्त निकालने के लिए कई कारकों पर विचार करना आवश्यक है। अपने शहर के लिए आज के शुभ समय की जांच करने के लिए ऊपर दिए गए हमारे पंचांग और चोघड़िया टूल्स का उपयोग करें। विवाह या गृह प्रवेश जैसे प्रमुख जीवन कार्यक्रमों के लिए, किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लें जो आपकी व्यक्तिगत जन्म कुंडली के आधार पर मुहूर्त की गणना कर सकें।

📝सम्पादकीय टिप्पणी

इस लेख की रचना हमारी सम्पादकीय टीम ने मूल संस्कृत ज्योतिष ग्रन्थों — बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, मुहूर्त चिन्तामणि, सूर्य सिद्धान्त — से प्रत्यक्ष अध्ययन के पश्चात् की है। हमने आधुनिक खगोलीय गणनाओं से इन सिद्धान्तों का सत्यापन भी किया है। यदि आपको कोई त्रुटि मिले अथवा कोई सुझाव हो तो कृपया हमें muhuratchoghadiya@gmail.com पर ईमेल करें। हम आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत करते हैं।

सत्यापन स्रोत: Wikipedia: Hindu CalendarPanchangamSurya SiddhantaLahiri Ayanamsa

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबसे अच्छा शुभ मुहूर्त कौन सा है?

ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4:00-5:30) और अभिजीत मुहूर्त (दोपहर के आसपास) किसी भी गतिविधि के लिए सार्वभौमिक रूप से शुभ समय हैं।

क्या मैं राहु काल में महत्वपूर्ण कार्य कर सकता हूं?

नहीं, राहु काल को नए कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। हालांकि, चल रहे कार्य जारी रह सकते हैं।

एक मुहूर्त कितनी देर का होता है?

एक पारंपरिक मुहूर्त लगभग 48 मिनट (2 घटी) का होता है। दिन में कुल 30 मुहूर्त होते हैं।

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॥ ॐ शुभं भवतु ॥