आयुर्वेद — "जीवन का विज्ञान"। 5000+ वर्ष पुरानी भारतीय-चिकित्सा। चरक, सुश्रुत, वाग्भट प्रमुख-आचार्य।
मूल: त्रिदोष (वात-पित्त-कफ) + सप्त-धातु + पंच-महाभूत। रोग-निवारण + दीर्घायु।
✦ मूल-सिद्धान्त
**त्रिदोष**: वात (वायु+आकाश), पित्त (अग्नि+जल), कफ (पृथ्वी+जल)।
**प्रकृति**: जन्मजात-दोष-संयोग।
**विकृति**: वर्तमान-असन्तुलन।
**सप्त-धातु**: 7 ऊतक।
**त्रि-मल**: मल, मूत्र, स्वेद।
स्वास्थ्य = सन्तुलन।
रोग = असन्तुलन।
✦ 8 अंग (अष्टांग-आयुर्वेद)
1. **काय-चिकित्सा**: सामान्य-रोग।
2. **बाल-चिकित्सा**: बाल-रोग।
3. **ग्रह-चिकित्सा**: मानसिक-रोग।
4. **ऊर्ध्वांग-चिकित्सा**: ENT-नेत्र।
5. **शल्य-चिकित्सा**: सर्जरी।
6. **दंष्ट्रा**: विष-चिकित्सा।
7. **जरा**: रसायन (एण्टी-एजिंग)।
8. **वृष**: वाजीकरण (प्रजनन)।
✦ दिनचर्या (दैनिक-नियम)
ब्रह्म-मुहूर्त उठें (4-5 AM)।
जीभ-सफाई।
तेल-कुल्ला (oil pulling)।
तेल-मालिश (अभ्यंग)।
योग-आसन।
सात्विक-नाश्ता।
दोपहर-भोजन सबसे-बड़ा।
सायं-हल्का-भोजन।
9-10 PM शयन।
✦ प्रसिद्ध-औषधियाँ
अश्वगन्धा: तनाव, ऊर्जा।
तुलसी: रोग-प्रतिरोधक।
गिलोय: बुखार।
हल्दी: सूजन-रोधक।
त्रिफला: पाचन।
ब्राह्मी: स्मृति।
नीम: रक्त-शुद्धि।
शतावरी: स्त्री-स्वास्थ्य।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आयुर्वेद बनाम अंग्रेजी-दवा?▼
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🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।