अष्टविनायक

महाराष्ट्र के 8 स्व-प्रकट गणेश-मन्दिर — 600 किमी

मन्दिर

8

दूरी

600 किमी

दिन

3-5

अष्टविनायक — महाराष्ट्र के 8 स्व-प्रकट गणेश-मन्दिर। पुणे-अहमदनगर-रायगढ़ जिलों में। 600 किमी परिक्रमा। मोरगाँव से शुरू, मोरगाँव-समाप्त।

मूर्तियाँ "स्वयं-भू" (स्व-प्रकटित)। पारम्परिक-यात्रा-क्रम का पालन।

8 मन्दिर

1. **मोरेश्वर/मोरगाँव** (मुख्य): बारामती के पास। यात्रा-शुरू।

2. **सिद्धिविनायक/सिद्धटेक**: अहमदनगर। दूसरा।

3. **बल्लालेश्वर/पाली**: रायगढ़। तीसरा।

4. **वरदविनायक/महड़**: रायगढ़। चौथा।

5. **चिन्तामणि/थेउर**: पुणे। पाँचवाँ।

6. **गिरिजात्मक/लेण्याद्रि**: पुणे। पहाड़-गुफा।

7. **विघ्नेश्वर/ओझर**: पुणे। सातवाँ।

8. **महागणपति/रांजणगाँव**: पुणे। आठवाँ।

समापन: पुनः मोरगाँव।

यात्रा-योजना

कुल: 600 किमी।

पैदल: सम्भव-नहीं।

कार/बस: 3-5 दिन।

क्रम-पालन अनिवार्य।

गणेश-चतुर्थी विशेष-समय।

भक्तों के लिए विशेष-पैकेज।

MTDC-सहायता।

विशेष-दिन

गणेश-चतुर्थी (अगस्त-सितम्बर): अति-भीड़।

संकष्टी-चतुर्थी मासिक।

माघी-गणेश-जयन्ती: फरवरी।

पुणे-यात्री बारी-बारी कई-वार।

गणेश-विसर्जन-काल।

मोरगाँव-विशेषता

8 गणपतियों में मुख्य।

मोरगाँव = मोर-गाँव।

मूल-स्थल। यात्रा-आरम्भ-स्थल।

21-दिन गणेशोत्सव।

दैनिक-आरती।

कर्ह-नदी-तट।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्रम-क्यों ज़रूरी?

पारम्परिक-शास्त्र-क्रम। फल-पूर्ति हेतु। क्रम-तोड़ने पर पुण्य-कम। मोरगाँव से शुरू-समाप्त।

कितने-दिन में पूर्ण?

सामान्य: 3 दिन। आरामदायक: 5 दिन। एक-दिन में 8-दर्शन सम्भव किन्तु कठिन।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।