अष्टविनायक — महाराष्ट्र के 8 स्व-प्रकट गणेश-मन्दिर। पुणे-अहमदनगर-रायगढ़ जिलों में। 600 किमी परिक्रमा। मोरगाँव से शुरू, मोरगाँव-समाप्त।
मूर्तियाँ "स्वयं-भू" (स्व-प्रकटित)। पारम्परिक-यात्रा-क्रम का पालन।
✦ 8 मन्दिर
1. **मोरेश्वर/मोरगाँव** (मुख्य): बारामती के पास। यात्रा-शुरू।
2. **सिद्धिविनायक/सिद्धटेक**: अहमदनगर। दूसरा।
3. **बल्लालेश्वर/पाली**: रायगढ़। तीसरा।
4. **वरदविनायक/महड़**: रायगढ़। चौथा।
5. **चिन्तामणि/थेउर**: पुणे। पाँचवाँ।
6. **गिरिजात्मक/लेण्याद्रि**: पुणे। पहाड़-गुफा।
7. **विघ्नेश्वर/ओझर**: पुणे। सातवाँ।
8. **महागणपति/रांजणगाँव**: पुणे। आठवाँ।
समापन: पुनः मोरगाँव।
✦ यात्रा-योजना
कुल: 600 किमी।
पैदल: सम्भव-नहीं।
कार/बस: 3-5 दिन।
क्रम-पालन अनिवार्य।
गणेश-चतुर्थी विशेष-समय।
भक्तों के लिए विशेष-पैकेज।
MTDC-सहायता।
✦ विशेष-दिन
गणेश-चतुर्थी (अगस्त-सितम्बर): अति-भीड़।
संकष्टी-चतुर्थी मासिक।
माघी-गणेश-जयन्ती: फरवरी।
पुणे-यात्री बारी-बारी कई-वार।
गणेश-विसर्जन-काल।
✦ मोरगाँव-विशेषता
8 गणपतियों में मुख्य।
मोरगाँव = मोर-गाँव।
मूल-स्थल। यात्रा-आरम्भ-स्थल।
21-दिन गणेशोत्सव।
दैनिक-आरती।
कर्ह-नदी-तट।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्रम-क्यों ज़रूरी?▼
पारम्परिक-शास्त्र-क्रम। फल-पूर्ति हेतु। क्रम-तोड़ने पर पुण्य-कम। मोरगाँव से शुरू-समाप्त।
कितने-दिन में पूर्ण?▼
सामान्य: 3 दिन। आरामदायक: 5 दिन। एक-दिन में 8-दर्शन सम्भव किन्तु कठिन।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।