विश्वकर्मा-पूजा — देव-शिल्पी विश्वकर्मा (निर्माण-यन्त्र-वास्तु के देवता) की पूजा। 2026 में विश्वकर्मा-पूजा 17 सितम्बर (गुरुवार) — कन्या-संक्रान्ति। यह सौर-त्यौहार — हर वर्ष लगभग एक-ही-तिथि।
विश्वकर्मा ने इन्द्र-पुरी, द्वारका, सोना-लंका, हस्तिनापुर, इन्द्रप्रस्थ, कृष्ण की द्वारका — सब बनाए। आधुनिक-संदर्भ: सब-कारखाने, फैक्ट्री, यन्त्र, वर्कशॉप, मशीनरी, वाहन का देवता।
✦ विश्वकर्मा-पूजा 2026 — मुहूर्त
सूर्य का कन्या-राशि-प्रवेश: 17 सितम्बर 2026 (गुरुवार) सुबह 10:42 AM (दिल्ली)।
पूजा-मुहूर्त: 17 सितम्बर पूरे-दिन। श्रेष्ठ — संक्रान्ति-समय (10:42 AM) से सायं 5:30 PM तक।
अभिजित-मुहूर्त (11:54 AM-12:42 PM) सर्वश्रेष्ठ।
✦ पूजा कौन करे
व्यवसायी: कारखाना-मालिक, इंजीनियर, मैकेनिक, राज-मिस्त्री, कुम्हार, बढ़ई, सुनार, लोहार।
सब-यन्त्र-स्वामी: कार, बस, ट्रक, मोटरसाइकिल, मशीनरी, कम्प्यूटर के मालिक।
घर के आधुनिक-यन्त्र: AC, फ्रिज, mixer, washing-machine, TV, मोबाइल — सब की पूजा।
✦ विधि
प्रात:-स्नान। नये/शुद्ध वस्त्र। यन्त्र/मशीन-स्थल की सफाई।
विश्वकर्मा-मूर्ति/चित्र। फूल-माला, धूप, दीप, मिठाई, फल।
सब यन्त्रों पर हल्दी-कुंकुम-अक्षत-तिलक। फूल-माला।
मन्त्र: "ॐ विश्वकर्मणे नमः" 108 बार। विश्वकर्मा-स्तोत्र।
भोग-आरती। श्रमिकों-कारीगरों को मिठाई-वस्त्र-दक्षिणा।
विशेष: यन्त्र/मशीन उस-दिन बन्द रखें (पूजा के बाद)। श्रमिकों को छुट्टी।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या लैपटॉप/मोबाइल की भी विश्वकर्मा-पूजा?▼
हाँ। आधुनिक-यन्त्र भी विश्वकर्मा की देन। तिलक + फूल + संक्षिप्त-पूजा। डेटा-सुरक्षा-पूर्व बैकअप लें।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।