वट-सावित्री-व्रत — पतिव्रता सावित्री ने यम से अपने पति सत्यवान को छुड़ाया। उनकी स्मृति में सुहागिन-स्त्रियाँ ज्येष्ठ-अमावस्या को व्रत करती हैं। 2026 में वट-सावित्री-व्रत 14 जून (रविवार)।
✦ वट-सावित्री-व्रत 2026
अमावस्या प्रारम्भ: 13 जून 2026 रात्रि 11:00 PM। समाप्त: 14 जून रात्रि 8:00 PM।
पूजा-समय: 14 जून प्रात: 6 AM-दोपहर 12 PM।
वट-वृक्ष (बरगद) के नीचे पूजा। 7 या 21 परिक्रमा।
कच्चा-धागा बरगद के तना के चारों ओर लपेटें।
सावित्री-कथा सुनें। पति-दीर्घायु प्रार्थना।
भोग: फल, मिठाई, गुड़-चना।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या अविवाहित-कन्या कर सकती?▼
पारम्परिक: केवल सुहागिन। आधुनिक: अविवाहित मनचाहे-वर हेतु।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।