वट सावित्री व्रत 2026

15 जून 2026 (सोम) — ज्येष्ठ अमावस्या

अमावस्या

13 Jun 11 PM-14 Jun 8 PM

पूजा-समय

6 AM-12 PM

परिक्रमा

7 या 21

वट-सावित्री-व्रत — पतिव्रता सावित्री ने यम से अपने पति सत्यवान को छुड़ाया। उनकी स्मृति में सुहागिन-स्त्रियाँ ज्येष्ठ-अमावस्या को व्रत करती हैं। 2026 में वट-सावित्री-व्रत 14 जून (रविवार)।

वट-सावित्री-व्रत 2026

अमावस्या प्रारम्भ: 13 जून 2026 रात्रि 11:00 PM। समाप्त: 14 जून रात्रि 8:00 PM।

पूजा-समय: 14 जून प्रात: 6 AM-दोपहर 12 PM।

वट-वृक्ष (बरगद) के नीचे पूजा। 7 या 21 परिक्रमा।

कच्चा-धागा बरगद के तना के चारों ओर लपेटें।

सावित्री-कथा सुनें। पति-दीर्घायु प्रार्थना।

भोग: फल, मिठाई, गुड़-चना।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या अविवाहित-कन्या कर सकती?

पारम्परिक: केवल सुहागिन। आधुनिक: अविवाहित मनचाहे-वर हेतु।

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सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।