पोंगल — तमिलनाडु का प्रमुख-त्योहार। 4-दिन का फसल-त्योहार। मकर-संक्रान्ति के समय। नवीन-धान, सूर्य-पूजा, पशु-पूजा, सामुदायिक-भोज।
नाम का अर्थ: नया-चावल मिट्टी के बर्तन में दूध-गुड़ संग उबाला जाता — "पोंगल" = "उफनना"।
✦ 4 दिन
1. **भोगी-पोंगल**: पुराना त्याग। पुरानी-वस्तुएँ-कपड़े जलाये। घर-सफाई।
2. **सूर्य-पोंगल / थाई-पोंगल**: मुख्य-दिन। सूर्य-पूजा। नया-चावल-दूध उबाला। "पोंगलो पोंगल" बोला जाता।
3. **मट्टू-पोंगल**: पशु-पूजा। गाय-बैल को सजाते, धोते, पूजते। जल्लीकट्टू (बैल-दौड़) कुछ-स्थानों पर।
4. **कानु-पोंगल / कन्नूम-पोंगल**: परिवार-भोज। पक्षियों को भोजन। बहनें भाइयों के लिए प्रार्थना।
✦ 2026 पोंगल
भोगी: 13 जनवरी।
थाई-पोंगल: 14 जनवरी।
मट्टू: 15 जनवरी।
कानु: 16 जनवरी।
मकर-संक्रान्ति के समान-समय।
✦ पोंगल-व्यंजन
**मीठा-पोंगल (शक्करा-पोंगल)**: चावल + मूँग + गुड़ + घी + काजू-किशमिश + इलायची।
**नमकीन-पोंगल (वेन-पोंगल)**: चावल + मूँग + काली-मिर्च + घी + काजू।
मेदु-वड़ा।
सांभर। नारियल-चटनी।
सेमिया-पायसम।
✦ सांस्कृतिक-महत्त्व
फसल-कटाई-कृतज्ञता।
सूर्य-देव को धन्यवाद।
गाय-बैल — कृषि-सहायक।
पारिवारिक-मिलन।
पुरानी-वस्तुओं का त्याग — नई-शुरुआत।
कोलम (रंगोली): द्वार पर।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पोंगल और मकर-संक्रान्ति में अन्तर?▼
समान-दिन (14 जनवरी)। मकर-संक्रान्ति: सूर्य का मकर-राशि-प्रवेश (पंचांग-घटना)। पोंगल: तमिल-त्योहार के रूप में मनाते। दोनों एक-साथ।
जल्लीकट्टू कानूनी?▼
सुप्रीम-कोर्ट 2014 में रोक। तमिल-नाडु ने 2017 में पुनः-अनुमति विशेष-कानून से।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।