पोंगल

तमिलनाडु का 4-दिन का फसल-त्योहार

दिन

4

मुख्य-दिन 2026

14 जनवरी

मुख्य-व्यंजन

पोंगल

पोंगल — तमिलनाडु का प्रमुख-त्योहार। 4-दिन का फसल-त्योहार। मकर-संक्रान्ति के समय। नवीन-धान, सूर्य-पूजा, पशु-पूजा, सामुदायिक-भोज।

नाम का अर्थ: नया-चावल मिट्टी के बर्तन में दूध-गुड़ संग उबाला जाता — "पोंगल" = "उफनना"।

4 दिन

1. **भोगी-पोंगल**: पुराना त्याग। पुरानी-वस्तुएँ-कपड़े जलाये। घर-सफाई।

2. **सूर्य-पोंगल / थाई-पोंगल**: मुख्य-दिन। सूर्य-पूजा। नया-चावल-दूध उबाला। "पोंगलो पोंगल" बोला जाता।

3. **मट्टू-पोंगल**: पशु-पूजा। गाय-बैल को सजाते, धोते, पूजते। जल्लीकट्टू (बैल-दौड़) कुछ-स्थानों पर।

4. **कानु-पोंगल / कन्नूम-पोंगल**: परिवार-भोज। पक्षियों को भोजन। बहनें भाइयों के लिए प्रार्थना।

2026 पोंगल

भोगी: 13 जनवरी।

थाई-पोंगल: 14 जनवरी।

मट्टू: 15 जनवरी।

कानु: 16 जनवरी।

मकर-संक्रान्ति के समान-समय।

पोंगल-व्यंजन

**मीठा-पोंगल (शक्करा-पोंगल)**: चावल + मूँग + गुड़ + घी + काजू-किशमिश + इलायची।

**नमकीन-पोंगल (वेन-पोंगल)**: चावल + मूँग + काली-मिर्च + घी + काजू।

मेदु-वड़ा।

सांभर। नारियल-चटनी।

सेमिया-पायसम।

सांस्कृतिक-महत्त्व

फसल-कटाई-कृतज्ञता।

सूर्य-देव को धन्यवाद।

गाय-बैल — कृषि-सहायक।

पारिवारिक-मिलन।

पुरानी-वस्तुओं का त्याग — नई-शुरुआत।

कोलम (रंगोली): द्वार पर।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पोंगल और मकर-संक्रान्ति में अन्तर?

समान-दिन (14 जनवरी)। मकर-संक्रान्ति: सूर्य का मकर-राशि-प्रवेश (पंचांग-घटना)। पोंगल: तमिल-त्योहार के रूप में मनाते। दोनों एक-साथ।

जल्लीकट्टू कानूनी?

सुप्रीम-कोर्ट 2014 में रोक। तमिल-नाडु ने 2017 में पुनः-अनुमति विशेष-कानून से।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।