हस्त-रेखा-शास्त्र (Palmistry) — हाथ की रेखाओं + 7 पर्वतों + अंगुलियों से व्यक्तित्व-भविष्य का अध्ययन। प्राचीन-भारतीय "सामुद्रिक-शास्त्र" से उत्पन्न। ग्रीक-यूनान में Cheiromancy। आज विश्व-व्यापी।
4 मुख्य-रेखाएँ: 1) जीवन-रेखा 2) मस्तक-रेखा (बुद्धि) 3) हृदय-रेखा (भावना) 4) भाग्य-रेखा। 7 पर्वत: सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि।
✦ 4 मुख्य-रेखाएँ
जीवन-रेखा (Life Line): अंगूठे एवं तर्जनी के बीच से शुरू, हथेली के बायें-किनारे की ओर। आयु, स्वास्थ्य, ऊर्जा। लम्बी-स्पष्ट = दीर्घायु। टूटी = स्वास्थ्य-समस्या।
मस्तक-रेखा (Head/Wisdom Line): जीवन-रेखा-शुरू से हथेली पार। बुद्धि, सोच, निर्णय। लम्बी = विश्लेषक। छोटी = व्यावहारिक।
हृदय-रेखा (Heart Line): कनिष्ठा-नीचे से तर्जनी की ओर। भावना, प्रेम, सम्बन्ध। चिकनी = सुखी-दाम्पत्य। टूटी = सम्बन्ध-कष्ट।
भाग्य-रेखा (Fate Line): हथेली के मध्य लम्बवत। कैरियर, सफलता। मजबूत = स्व-निर्मित-सफलता। न-हो = सहज-कैरियर।
✦ 7 पर्वत (Mounts)
गुरु-पर्वत (तर्जनी-नीचे): नेतृत्व, महत्वाकांक्षा।
शनि-पर्वत (मध्यमा-नीचे): धैर्य, कठोर-कार्य।
सूर्य-पर्वत (अनामिका-नीचे): यश, कला।
बुध-पर्वत (कनिष्ठा-नीचे): व्यापार, संचार।
मंगल-पर्वत (अंगूठे-तर्जनी के बीच + कनिष्ठा-नीचे): साहस।
शुक्र-पर्वत (अंगूठे-नीचे): प्रेम, कला, सौन्दर्य।
चन्द्र-पर्वत (हथेली के नीचे-बाहर): कल्पना, यात्रा।
विकसित-पर्वत = उस-गुण की प्रमुखता।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दाहिना या बायाँ हाथ?▼
पारम्परिक: पुरुष — दाहिना हाथ (वर्तमान-कर्म) + बायाँ (पूर्व-जन्म-संस्कार)। स्त्री — उल्टा (बायाँ वर्तमान, दाहिना पूर्व)। आधुनिक: दोनों मिलाकर।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।