अंक-ज्योतिष (Numerology) — संख्याओं का जीवन पर प्रभाव। 1-9 तक के मूल-अंक + मास्टर-अंक (11, 22, 33)। पाश्चात्य Pythagoras + भारतीय अंक-शास्त्र (शक) के मेल।
मूल-अंक (Mool Ank) = जन्म-दिन (1-9 में सिमटा)। उदाहरण: 23 तारीख = 2+3 = 5।
भाग्य-अंक (Bhagya Ank) = सम्पूर्ण जन्म-तारीख का योग।
नाम-अंक (Naam Ank) = नाम के अक्षरों की संख्याओं का योग।
✦ 9 मूल-अंक — स्वामी-ग्रह + विशेषता
1 — सूर्य: नेतृत्व, स्वतन्त्रता, अहंकार। नेता, उद्यमी।
2 — चन्द्र: कोमलता, भावुकता, सहयोग। कलाकार, सहायक।
3 — बृहस्पति: ज्ञान, समृद्धि, धर्म। शिक्षक, परामर्शदाता।
4 — राहु: मेहनत, अनुसन्धान, अप्रत्याशित। तकनीकी, खोज।
5 — बुध: संचार, बुद्धि, यात्रा। व्यापारी, लेखक, IT।
6 — शुक्र: कला, सौन्दर्य, प्रेम। कलाकार, फैशन।
7 — केतु: आध्यात्म, रहस्य, शोध। दार्शनिक, साधक।
8 — शनि: कठोर-कार्य, धैर्य, लम्बा-संघर्ष। न्यायाधीश, इंजीनियर।
9 — मंगल: साहस, ऊर्जा, क्रोध। सेना, खेल, सर्जन।
✦ अंक-संगति — विवाह एवं व्यापार
मित्र-अंक: 1-2-3, 1-3-5, 2-7, 3-6, 5-6, 5-9, 6-7, 6-9।
शत्रु-अंक: 1-8, 4-8, 5-8 (शनि-विरोधी), 6-8।
विवाह-संगति: मूल-अंक-संगत हो + भाग्य-अंक भी।
व्यापार-नाम-अंक: 1, 3, 5, 6, 9 श्रेष्ठ। 4, 8 अशुभ।
मोबाइल-गाड़ी-नम्बर: योग 1, 3, 5, 6, 9 चुनें।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या नाम बदलकर अंक बेहतर?▼
पारम्परिक रूप से जन्म-नाम स्थिर। आधुनिक: स्पेलिंग बदलें (Mukesh → Mukessh)। यदि गम्भीर-असफलता — ज्योतिषी से नाम-शुद्धि-अनुष्ठान।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।