नाड़ी दोष

कुण्डली-मिलान का सबसे-गम्भीर-दोष — 8 अंक

नाड़ियाँ

3

अंक

8/36

उपाय-जप

1.25 लाख

नाड़ी-दोष — कुण्डली-मिलान का सबसे-गम्भीर-दोष। 36 गुणों में 8 अंक नाड़ी के। समान-नाड़ी = 0 अंक = विवाह-वर्जित।

3 नाड़ियाँ: आदि (वात), मध्य (पित्त), अन्त्य (कफ)। नक्षत्र-आधारित।

3 नाड़ियों का आयुर्वेद-संयोग

**आदि-नाड़ी (वात)**: अश्विनी, आर्द्रा, पुनर्वसु, उत्तरा-फाल्गुनी, हस्त, ज्येष्ठा, मूल, शतभिषा, पूर्वा-भाद्रपद।

**मध्य-नाड़ी (पित्त)**: भरणी, मृगशिरा, पुष्य, पूर्वा-फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, पूर्वा-षाढ़ा, धनिष्ठा, उत्तरा-भाद्रपद।

**अन्त्य-नाड़ी (कफ)**: कृत्तिका, रोहिणी, आश्लेषा, मघा, स्वाती, विशाखा, उत्तरा-षाढ़ा, श्रवण, रेवती।

दोष का प्रभाव

सन्तान-दोष: निःसन्तानता या कमजोर-सन्तान।

स्वास्थ्य-समस्याएँ।

तलाक की सम्भावना।

आर्थिक-संघर्ष।

दाम्पत्य-कलह।

अपवाद (दोष-निरस्त)

एक-नक्षत्र में जन्म किन्तु अलग-चरण।

दोनों कुम्भ-राशि या मीन।

नक्षत्र-स्वामी एक किन्तु अलग-नक्षत्र।

मित्र-शत्रु-नक्षत्र-योग।

उपाय

महामृत्युञ्जय-जप 1.25 लाख।

नाड़ी-निवारण-पूजा।

गौ-दान, अन्न-दान।

गोदान या स्वर्ण-दान।

ब्रह्म-विवाह-संस्कार।

कुलदेवता-आशीर्वाद।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाड़ी-दोष से तलाक निश्चित?

नहीं। दोष का प्रभाव सूचक है, नियति नहीं। उपाय और शुद्ध-निष्ठा से सुखी-वैवाहिक-जीवन।

दोनों एक नक्षत्र = दोष?

अलग-चरण = दोष-न्यून। समान-चरण = पूर्ण-दोष। चरण-विवरण ज्योतिषी से।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।