होरा-चक्र — दिन के 24 घण्टों का ग्रह-स्वामी-चक्र। प्रत्येक-घण्टा एक-ग्रह द्वारा शासित। शुभ-कार्य-समय-निर्धारण।
क्रम: सूर्य → शुक्र → बुध → चन्द्र → शनि → गुरु → मंगल → सूर्य... (दिन-स्वामी से शुरू)।
✦ 7 ग्रह-होरा
**सूर्य-होरा**: नेतृत्व, सरकारी-कार्य, स्वास्थ्य।
**चन्द्र-होरा**: यात्रा, मन-शान्ति, द्रव-व्यापार।
**मंगल-होरा**: सम्पत्ति-खरीद, साहस-कार्य।
**बुध-होरा**: व्यापार, अध्ययन, संवाद।
**गुरु-होरा**: विवाह, धार्मिक, शिक्षा।
**शुक्र-होरा**: कला, विवाह, आभूषण।
**शनि-होरा**: निर्माण, भूमि, दीर्घ-कार्य।
✦ गणना
सूर्योदय से आरम्भ।
दिन-स्वामी से प्रथम-होरा।
उदाहरण रविवार: सूर्य-होरा।
क्रम: सूर्य-शुक्र-बुध-चन्द्र-शनि-गुरु-मंगल।
24 घण्टे = 24 होरा।
24 ÷ 7 = 3 + शेष-3।
अगले-दिन-स्वामी अगले-दिन।
✦ दैनिक-योजना
महत्वपूर्ण-कार्य अनुकूल-होरा में।
नौकरी-आवेदन: गुरु-होरा।
धन-निवेश: बुध-होरा।
यात्रा-शुरू: चन्द्र-होरा।
सम्पत्ति-खरीद: मंगल-होरा।
कला-कार्य: शुक्र-होरा।
चिकित्सा: सूर्य-होरा।
दान: शनि-होरा।
✦ अशुभ-होरा-त्याग
राहु-काल और होरा-संयोग देखें।
मंगल-होरा + मंगलवार: तीव्र-मंगल।
शनि-होरा + शनिवार: कठोर-शनि।
कुछ-कार्य त्यागें (नया-व्यापार, विवाह-निर्णय)।
चोघड़िया + होरा एक-साथ देखें।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
होरा और चोघड़िया में अन्तर?▼
चोघड़िया: 8-भाग दिन (1.5 घण्टा प्रत्येक)। होरा: 24-भाग (1 घण्टा प्रत्येक)। दोनों एक-साथ।
होरा-गणना कैसे?▼
पंचांग या मुफ्त-वेबसाइट देखें। AstroSage, Drik Panchang। स्थानीय-सूर्योदय-समय अनिवार्य।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।