✦ गौरी नल्ल नेरम् ✦
✦ तमिल "अच्छा समय" — दैनिक ५ नाम-काल पद्धति ✦
✦ गौरी नल्ल नेरम् क्या है? ✦
गौरी नल्ल नेरम् (Gowri Nalla Neram) तमिल परम्परा का दैनिक मुहूर्त-निर्धारण सिस्टम है। तमिल "नल्ल नेरम्" का अर्थ — "अच्छा समय"। यह उत्तर भारतीय चौघड़िया के समान, परन्तु इसमें ५ श्रेणियाँ हैं: अमृत, सिद्ध, लाभ, रोग, मरण।
दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) ५ बराबर भागों में, तथा रात्रि (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) ५ बराबर भागों में बँटी होती है — कुल १० नल्ल नेरम् काल। प्रत्येक काल का "नाम" उस वार पर निर्भर करता है।
तीन शुभ श्रेणियाँ: अमृत (सर्वोच्च), सिद्ध (कार्य-सिद्धि), लाभ (लाभदायक)। दो अशुभ: रोग (व्याधि), मरण (अति-त्याज्य)। तमिल नाडु, पुडुचेरी एवं श्रीलंका के तमिल समुदायों में यह सिस्टम विशेष रूप से प्रयोग होता है।
✦ अवधारणा एवं नियम ✦
खगोलीय आधार: दिन = सूर्योदय से सूर्यास्त, ५ बराबर भाग। रात्रि = सूर्यास्त से अगले सूर्योदय, ५ बराबर भाग। प्रत्येक काल लगभग २-३ घंटे का। नाम-क्रम वार-आधारित: रवि (अमृत-रोग-सिद्ध-लाभ-मरण-कलकल चक्र); सोम (अमृत-लाभ-सिद्ध-रोग-मरण); इत्यादि। शुभ कार्य अमृत-सिद्ध-लाभ काल में आरम्भ करें; मरण-काल में बिल्कुल नहीं। उत्तर भारत की चौघड़िया से अंतर — चौघड़िया में ८ नाम (कोड कलवायी पद्धति); गौरी नल्ल नेरम् में ५ नाम (Tamil-Vakkiyam पद्धति)।