✦ श्री गणेश पूजा विधि ✦
✦ विघ्नहर्ता गणपति की षोडशोपचार पूजा — १६ चरण ✦
✦ श्री गणेश पूजा विधि परिचय ✦
श्री गणेश पूजा प्रत्येक धार्मिक कार्य का प्रथम सोपान है। "श्री गणेशाय नमः" के बिना कोई कार्य प्रारम्भ नहीं किया जाता। गणेश पूजा गृहस्थ-जीवन में दैनिक भी की जा सकती है — बुधवार, चतुर्थी, गणेश चतुर्थी पर विशेष महत्व।
षोडशोपचार पूजा १६ उपचारों से सम्पन्न होती है — आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमनीय, स्नान, वस्त्र, यज्ञोपवीत, गन्ध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, ताम्बूल, दक्षिणा, आरती, प्रदक्षिणा। यह पूजा सरल है, परन्तु पूर्ण-फल देती है।
घर में मिट्टी की मूर्ति, रजत-धातु प्रतिमा, अथवा शुद्ध-यन्त्र की पूजा कर सकते हैं। प्रत्येक चरण के साथ संक्षिप्त मन्त्र — पूर्ण विधि के लिए नीचे का चरण-दर-चरण विवरण देखें।
✦ शुभ मुहूर्त एवं तिथियाँ ✦
बुधवार (गणेश दिन), चतुर्थी तिथि (विशेष: संकष्टी चतुर्थी, विनायक चतुर्थी), गणेश चतुर्थी (भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी), गुरु पुष्य योग। प्रात:काल अथवा अभिजित मुहूर्त सर्वोत्तम। प्रदोष काल भी शुभ।
✦ पूजा सामग्री ✦
श्री गणेश की प्रतिमा अथवा मूर्ति
१
पीला रेशमी वस्त्र
१ टुकड़ा
रोली / सिन्दूर / कुंकुम
थोड़ा-थोड़ा
चन्दन (श्वेत एवं लाल)
पेस्ट
अक्षत (हल्दी मिश्रित चावल)
१ कटोरी
दूर्वा (दूब घास) — अनिवार्य
२१ गाँठ
लाल पुष्प (गुड़हल / जपा)
२१
मोदक — गणेश का प्रिय भोग
२१
धूप एवं अगरबत्ती
समग्र
घी का दीपक
१
पंचामृत (दूध, दही, घी, मधु, शक्कर)
१ कटोरी
गंगाजल / शुद्ध जल
१ लोटा
पान, सुपारी, लौंग, इलायची
समग्र
नारियल
१
फल — केला, आम, सेब
मिश्रित
कलश — आम-पत्र एवं नारियल सहित
१
✦ 16 चरण विधि ✦
संकल्प
(Sankalpa)दाहिने हाथ में जल, अक्षत, पुष्प लेकर अपना नाम, गोत्र, तिथि, स्थान बोलते हुए संकल्प लें — किस उद्देश्य से यह पूजा कर रहे हैं। फिर जल छोड़ें।
ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः । अद्य …तिथौ … स्थाने श्री गणेश पूजनं अहं करिष्ये।
Om Vishnur Vishnur Vishnuh · Adya … tithau … sthane Shri Ganesha pujanam aham karishye
आवाहन
(Avahana)गणेश जी का आवाहन करें — मन से उन्हें मूर्ति में आने का निमन्त्रण दें। हाथ जोड़कर ध्यान-मुद्रा में।
ॐ गं गणपतये नमः । आगच्छ देवदेवेश तेजोराशे जगत्पते।
Om Gam Ganapataye Namah · Aagachchha Devadevesha Tejorase Jagatpate
आसन
(Asana)पुष्प एवं अक्षत मूर्ति के सामने अर्पण करते हुए आसन प्रदान करें।
ॐ गं गणपतये आसनं समर्पयामि।
Om Gam Ganapataye Aasanam Samarpayami
पाद्य (चरण-धोवन)
(Padya)पंचपात्र से जल लेकर मूर्ति के चरणों पर अर्पित करें।
ॐ गं गणपतये पादयोः पाद्यं समर्पयामि।
Om Gam Ganapataye Padayoh Padyam Samarpayami
स्नान
(Snan)पंचामृत स्नान — दूध, दही, घी, मधु, शक्कर एवं अन्त में शुद्ध जल से क्रमशः मूर्ति को स्नान कराएँ।
ॐ गं गणपतये स्नानं समर्पयामि।
Om Gam Ganapataye Snanam Samarpayami
वस्त्र
(Vastra)पीला रेशमी वस्त्र अर्पण करें।
ॐ गं गणपतये वस्त्रं समर्पयामि।
Om Gam Ganapataye Vastram Samarpayami
गन्ध (चन्दन)
(Gandha)श्वेत चन्दन ललाट पर एवं लाल चन्दन/सिन्दूर पूरे शरीर पर अर्पण करें। दूर्वा भी इसी समय अर्पित।
ॐ गं गणपतये गन्धं समर्पयामि।
Om Gam Ganapataye Gandham Samarpayami
पुष्प
(Pushpa)लाल पुष्प (विशेषतः गुड़हल) २१ संख्या में अर्पण करें। तुलसी पत्र गणेश-पूजा में वर्जित।
ॐ गं गणपतये पुष्पं समर्पयामि।
Om Gam Ganapataye Pushpam Samarpayami
धूप
(Dhupa)धूप अथवा अगरबत्ती जलाकर मूर्ति को घुमाएँ।
ॐ गं गणपतये धूपं समर्पयामि।
Om Gam Ganapataye Dhupam Samarpayami
दीप
(Deepa)घी का दीपक जलाकर मूर्ति को दिखाएँ।
ॐ गं गणपतये दीपं समर्पयामि।
Om Gam Ganapataye Deepam Samarpayami
नैवेद्य
(Naivedya)मोदक (२१ संख्या), केला, गुड़, नारियल अर्पण करें। तुलसी रहित। फल-नैवेद्य के साथ जल भी अर्पित।
ॐ गं गणपतये नैवेद्यं समर्पयामि।
Om Gam Ganapataye Naivedyam Samarpayami
ताम्बूल
(Tambula)पान-सुपारी-लौंग-इलायची अर्पण करें।
ॐ गं गणपतये ताम्बूलं समर्पयामि।
Om Gam Ganapataye Tambulam Samarpayami
दक्षिणा
(Dakshina)दक्षिणा (शुभ-धन-राशि) मूर्ति के सम्मुख रखें — शास्त्रोक्त धन-दान।
ॐ गं गणपतये दक्षिणां समर्पयामि।
Om Gam Ganapataye Dakshinam Samarpayami
मन्त्र जप
(Mantra-japa)गणेश मूल मन्त्र "ॐ गं गणपतये नमः" का १०८ बार रुद्राक्ष-माला से जप। संकष्टी पर "वक्रतुण्ड महाकाय" स्तोत्र।
आरती
(Aarti)"सुखकर्ता दुखहर्ता" आरती गाएँ। दीप-थाली से ५ बार वामावर्त (बायें से दायें) घुमाएँ।
प्रदक्षिणा एवं विसर्जन
(Pradakshina)मूर्ति की ३ बार प्रदक्षिणा करें। दण्डवत् प्रणाम करें। पूजा के अन्त में भगवान् से पूजन की त्रुटियों के लिए क्षमा माँगें — "क्षमस्व" कहते हुए।
✦ नैवेद्य — प्रिय भोग ✦
गणेश को सर्वाधिक प्रिय भोग है मोदक — विशेषतः उकडीचे मोदक (steamed)। २१ की संख्या में चढ़ाये जाते हैं। केला, नारियल, गुड़-चूर्ण, मलाई-बर्फी, लड्डू भी प्रिय। गणेश-पूजा में तुलसी पत्र वर्जित — पुराण-कथा अनुसार तुलसी ने गणेश को विवाह-प्रस्ताव दिया था जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।
✦ आरती — समापन ✦
"सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची"… यह मराठी आरती समर्थ रामदास द्वारा रचित — गणेश की समस्त आरतियों में सर्व-प्रसिद्ध। हिन्दी में "जय गणेश जय गणेश देवा" भी सर्व-प्रचलित। आरती के अन्त में दीप का प्रकाश सबको दिखाएँ — सबकी आँखों पर ले जाकर।