✦ पूर्णिमा तिथियाँ ✦
✦ वर्ष की समस्त पूर्णिमा तिथियाँ — सत्यनारायण व्रत हेतु ✦
✦ पूर्णिमा तिथियाँ क्या है? ✦
पूर्णिमा शुक्ल पक्ष का अन्तिम तिथि है, जब चन्द्रमा सूर्य से १८०° अन्तर पर होकर पूर्ण रूप से प्रकाशित दिखता है। प्रत्येक चन्द्र मास में एक पूर्णिमा आती है, अतः वर्ष में सामान्यतः १२ पूर्णिमा तिथियाँ होती हैं — और अधिक मास के वर्ष में १३।
प्रत्येक पूर्णिमा का अपना विशेष महत्त्व है — चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयन्ती), वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा), आषाढ़ (गुरु पूर्णिमा), श्रावण (रक्षाबन्धन), कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली, गंगा स्नान), मार्गशीर्ष (दत्त जयन्ती), पौष (शाकम्भरी जयन्ती), माघ पूर्णिमा (माघ स्नान), फाल्गुन (होली)।
सत्यनारायण भगवान का व्रत-कथा इसी दिन सर्वश्रेष्ठ माना गया है। चन्द्र दर्शन एवं चन्द्र पूजा भी विशेष फलदायी। उपवास, दान, तीर्थ-स्नान, पितृ-तर्पण के लिए पूर्णिमा अति-शुभ तिथि है।
✦ अवधारणा एवं नियम ✦
खगोलीय आधार: पूर्णिमा तब बनती है जब चन्द्रमा का सूर्य से कोणीय अन्तर ठीक १८०° होता है — अर्थात् पृथ्वी सूर्य एवं चन्द्र के बीच होती है। तकनीकी रूप से तिथि क्रम संख्या १५ (शुक्ल पक्ष) है। तिथि की अवधि १९-२६ घंटे होती है क्योंकि चन्द्रमा की कक्षा अंडाकार है। पूर्णिमा का सूर्योदय-काल वह तिथि है जो उस दिन के सूर्योदय पर सक्रिय हो — हमारी सूची इसी मानक से बनी है।
✦ आगामी पूर्णिमा तिथियाँ ✦
31 मई 2026 · रवि
29 जून 2026 · सोम
30 जून 2026 · मंगल
29 जुलाई 2026 · बुध
28 अगस्त 2026 · शुक्र
26 सितम्बर 2026 · शनि
26 अक्टूबर 2026 · सोम
24 नवम्बर 2026 · मंगल
* दिल्ली पंचांग सन्दर्भ। स्थान बदलने पर तिथियाँ ±1 दिन भिन्न हो सकती हैं।