तुलसी (पवित्र-तुलसी — *Ocimum sanctum*) हिन्दू-धर्म का सर्वाधिक-पवित्र पौधा। प्रत्येक पारम्परिक-हिन्दू-घर में आँगन या बाल्कनी में तुलसी, नित्य-पूजी।
✦ पौराणिक-उद्भव
पद्म-पुराण — तुलसी पूर्व-जन्म में वृन्दा थीं — दानव जलन्धर की पतिव्रता-पत्नी। विष्णु ने जलन्धर-वध हेतु उसका रूप धारण कर वृन्दा का सतीत्व-भंग किया। टूटी-वृन्दा ने विष्णु को शिला (शालिग्राम) होने का शाप दिया। उसकी भक्ति से प्रसन्न विष्णु ने उसे शाश्वत-रूप से अपने साथ — तुलसी के पौधे के रूप में — आशीर्वाद दिया। तुलसी-शालिग्राम अभिन्न।
✦ नित्य-पूजा क्यों?
- ✦**विष्णु-प्रिया**: तुलसी-पत्र बिना विष्णु-पूजा अधूरी
- ✦**वायु-शोधक**: रात्रि में भी ऑक्सीजन-ओजोन (दुर्लभ-गुण)
- ✦**स्वास्थ्य**: जीवाणु-नाशक, सूजन-रोधी, रोग-प्रतिरोधक
- ✦**आध्यात्मिक**: नकारात्मक-ऊर्जा-दूर
✦ नित्य-तुलसी-पूजा-विधि
प्रातः (स्नान-पश्चात) 1. तुलसी के समक्ष खड़े 2. जल-अर्पण (रविवार, एकादशी, ग्रहण को नहीं) 3. दीपक-प्रज्ज्वलन 4. पुष्प, कुमकुम, अक्षत 5. तुलसी-मन्त्र 11 या 108 बार 6. 3 परिक्रमा 7. नतमस्तक-प्रणाम
सायं 1. दीपक पुनः 2. जल-पुष्प 3. मन्त्र
✦ तुलसी-मन्त्र
``` तुलसि श्रीसखि शुभे पापहारिणि पुण्यदे नमस्ते नारदनुते नारायणमनःप्रिये ```
✦ तुलसी-पत्र कब न तोड़ें
- ✦**रविवार** (विष्णु-विश्राम-दिवस)
- ✦**एकादशी** (तुलसी-व्रत)
- ✦**मंगलवार** (कुछ-परम्परा)
- ✦**सूर्यास्त-पश्चात**
- ✦**ग्रहण-काल**
- ✦**बिना-स्नान**
अनिवार्य हो तो सूर्योदय पूर्व।
✦ तुलसी-विवाह
कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवुत्थानी) पर — तुलसी का शालिग्राम (विष्णु-रूप) से विवाह। चिह्न: - चातुर्मास-समाप्ति - विवाह-ऋतु-आरम्भ - विष्णु-पुनः-जागरण
✦ स्वास्थ्य-लाभ (वैज्ञानिक-सिद्ध)
- ✦**एडाप्टोजन**: कॉर्टिसोल/तनाव-कमी
- ✦**रोगाणु-रोधी**: E.coli, Staph पर प्रभावी
- ✦**रक्त-शर्करा**: मधुमेह-नियन्त्रण
- ✦**श्वसन**: खाँसी, जुकाम, अस्थमा में श्रेष्ठ
- ✦**यकृत**: यकृत-रक्षक
✦ वास्तु-स्थान
- ✦**श्रेष्ठ**: उत्तर या ईशान
- ✦**त्याज्य**: दक्षिण-दिशा
- ✦पौधा उठा हुआ हो (भूमि-स्तर पर नहीं)
- ✦स्थान स्वच्छ — कूड़ेदान-निकट कभी नहीं
✦ तुलसी के प्रकार
- 1**राम-तुलसी** (हरे-पत्ते) — सर्व-सामान्य
- 2**श्याम/कृष्ण-तुलसी** (बैंगनी-पत्ते) — सर्व-शक्तिशाली
- 3**वन-तुलसी** (जंगली) — औषधीय
- 4**कपूर-तुलसी** — तीव्र-सुगन्ध
✦ सामान्य-गलतियाँ
- ✦रविवार-जल-अर्पण (वर्जित)
- ✦नाखून से तोड़ना (अंगूठा-अंगुली-दबाव)
- ✦पौधा सूखने देना (अति-अशुभ)
- ✦तुलसी-जल को पैर लगाना
- ✦तुलसी-पत्र दाँत से चबाना (पूरा-निगलें)
✦ निष्कर्ष
तुलसी एकमात्र पौधा जिसकी सूखी-लकड़ी, फूल, पत्ते, जड़, मिट्टी — हर अंश पूजा जाता। स्वस्थ-तुलसी-घर = लक्ष्मी-घर। तुलसी-माँ की जय!