गंगा दशहरा — गंगावतरण का पावन दिवस

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गंगा दशहरा — गंगावतरण का पावन दिवस

ज्येष्ठ शुक्ल दशमी गंगा-अवतरण की पौराणिक तिथि है। पर्व का शास्त्रीय आधार, दस-पाप-हरण भाव, तथा सरल स्नान-दान विधि।

2026-05-02

लेखक: मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम

पंचांग एवं मुहूर्त सन्दर्भ

✦ प्रकाशित: समीक्षित:

मुहूर्त चौघड़िया सम्पादकीय टीम द्वारा संकलित

गंगा दशहरा ज्येष्ठ शुक्ल दशमी (ग्रेगोरियन में मई-अंत से जून-मध्य) पर पड़ता है। पुराण-कथा के अनुसार इसी दिन गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतीर्ण हुईं।

कथा

वाल्मीकि रामायण के बाल काण्ड एवं भागवत पुराण में कथा है। राजा सगर के साठ हज़ार पुत्रों ने कपिल मुनि को यज्ञ-अश्व चुराने का दोष दिया तो उनके तप से भस्म हो गए। उनकी मुक्ति हेतु दिव्य गंगा का जल भस्म पर पहुँचना आवश्यक था। सगर के वंशजों की पीढ़ियों ने प्रयास किया परंतु केवल भगीरथ ने तपस्या से सिद्धि पाई। पृथ्वी का संरक्षण हेतु शिव ने गंगा को अपनी जटा में धारण किया तथा नियंत्रित धारा में मुक्त किया। जिस दिन गंगा ने पृथ्वी का स्पर्श किया, वही गंगा दशहरा है।

दश-पाप-हारिणी

पर्व का अन्य नाम दश-पाप-हारिणी है। शास्त्रीय सूची:

काय — अदत्तादान, हिंसा, परदारगमन वाक् — असत्य, परुष-वचन, परनिंदा, असम्बद्ध-प्रलाप मन — परधन-स्पृहा, परद्रोह, मिथ्या-दृष्टि

इस दिन गंगा-स्नान, इन प्रवृत्तियों के सजग स्मरण एवं संशोधन-संकल्प सहित, पर्व का आध्यात्मिक हृदय है।

विधि

  1. 1**स्नान** — गंगा अथवा किसी पवित्र नदी, अथवा किसी प्राकृतिक जलाशय, अथवा अंत में घरेलू जल में गंगाजल की कुछ बूँदें मिलाकर।
  2. 2**संकल्प** — दिवस-नाम तथा अपने संकल्प का संक्षिप्त मानसिक कथन।
  3. 3**दान** — दस वस्तुओं का दान: तिल, जल, दूध, घी, दही, चीनी, मधु, फल, ताम्बूल, मुद्रा।
  4. 4**पूजा** — गंगा, शिव, भगीरथ की संक्षिप्त पूजा; दीपक, पुष्प, गंगा स्तोत्र अथवा सरल हिंदी प्रार्थना।

स्वरूप

गंगा दशहरा शांत भाव से पालित होता है तथा हरिद्वार, वाराणसी, प्रयागराज में प्रमुख स्नान-दिवसों में से है। पर्व का स्वभाव चिंतनात्मक है, उसकी कोमल मात्रा अंतर्मुख भाव के अनुकूल है।

📝सम्पादकीय टिप्पणी

इस लेख की रचना हमारी सम्पादकीय टीम ने मूल संस्कृत ज्योतिष ग्रन्थों — बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, मुहूर्त चिन्तामणि, सूर्य सिद्धान्त — से प्रत्यक्ष अध्ययन के पश्चात् की है। हमने आधुनिक खगोलीय गणनाओं से इन सिद्धान्तों का सत्यापन भी किया है। यदि आपको कोई त्रुटि मिले अथवा कोई सुझाव हो तो कृपया हमें muhuratchoghadiya@gmail.com पर ईमेल करें। हम आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत करते हैं।

सत्यापन स्रोत: Wikipedia: Hindu CalendarPanchangamSurya SiddhantaLahiri Ayanamsa

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मैं नदी के निकट नहीं रहता — गंगा दशहरा कैसे मनाऊँ?

सामान्य स्नान-जल में गंगाजल की कुछ बूँदें मिलाकर संकल्प करें। शास्त्र इसे स्पष्ट रूप से स्वीकार करते हैं जहाँ नदी तक भौतिक पहुँच न हो।

क्या गंगा दशहरा एवं गंगा सप्तमी एक ही हैं?

नहीं। गंगा सप्तमी (वैशाख शुक्ल सप्तमी) शिव-जटा से उनके पुनः-प्रकटन का दिवस है। गंगा दशहरा (ज्येष्ठ शुक्ल दशमी) पृथ्वी पर अवतरण का दिवस। दोनों मनाए जाते हैं किंतु दूसरा बड़ा पर्व है।

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॥ ॐ शुभं भवतु ॥