अन्नप्राशन मुहूर्त 2026

पुत्र — 6/8 मास, पुत्री — 5/7/9 मास

पुत्र-आयु

6, 8 mo

पुत्री-आयु

5, 7, 9 mo

श्रेष्ठ-वार

सोम/बुध/गुरु/शुक्र

अन्नप्राशन — हिन्दू-धर्म के 16 संस्कारों में से 7वाँ। बच्चे का पहला अन्न-सेवन का संस्कार। जन्म से 6, 7, 8, 9 या 10 महीने पूरे होने पर — विषम-मास में किया जाता। पुत्र हेतु 6/8 मास, पुत्री हेतु 5/7/9 मास।

2026 के लिए अन्नप्राशन के सर्वश्रेष्ठ-मुहूर्त माघ-फाल्गुन-वैशाख-ज्येष्ठ में। आषाढ़-श्रावण-भाद्रपद-आश्विन-कार्तिक चातुर्मास में वर्जित। पौष-मास भी वर्जित। पारस्कर-गृह्यसूत्र, मनुस्मृति में विधि-वर्णन।

अन्नप्राशन के लिए शुभ-समय

आयु: पुत्र — 6th, 8th, 10th मास। पुत्री — 5th, 7th, 9th मास। 6 मास सर्वोत्तम।

मास: माघ, फाल्गुन, चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, मार्गशीर्ष श्रेष्ठ। आषाढ़-कार्तिक चातुर्मास वर्जित। पौष वर्जित।

तिथि: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी श्रेष्ठ।

वार: सोम, बुध, गुरु, शुक्र। मंगल/शनि/रवि वर्जित।

नक्षत्र: मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, श्रवण, रेवती।

2026 अन्नप्राशन शुभ-तिथियाँ

जनवरी: 14, 15, 16, 21, 22, 23, 28, 29। फरवरी: 4, 5, 11, 12, 18, 19, 25, 26।

मार्च: 4, 5, 11, 12, 18, 25, 26। अप्रैल: 1, 2, 8, 9, 15, 16, 22, 23, 29, 30।

मई: 6, 7, 13, 14, 20, 21, 27, 28। जून: 3, 4, 10, 11, 17, 18, 24, 25।

जुलाई-अक्टूबर: ✗ चातुर्मास वर्जित। नवम्बर: 18, 19, 25, 26। दिसम्बर: 2, 3, 9, 10, 16, 17।

अन्नप्राशन की विधि

पूर्व-तैयारी: मुहूर्त-दिन प्रात: स्नान। बच्चे को नया वस्त्र। पूजा-स्थल तैयार।

सामग्री: चांदी की प्लेट + चम्मच, शुद्ध-गाय का घी, खीर (दूध-चावल-शक्कर), मधु, फल, पंचामृत, फूल, धूप-दीप।

पूजन: गणेश-कलश-नवग्रह पूजन। बच्चे को माँ की गोद में बिठाएँ।

प्रथम-अन्न: पिता खीर का छोटा कण चम्मच से बच्चे के मुख में डालें। 3 बार। मन्त्र-पाठ।

भोजन: बच्चा खीर खाये। फिर माँ-पिता बच्चे को पंजीरी, फल खिलाएँ।

समापन: ब्राह्मण-भोज, दान, उपहार-वितरण। बच्चे का आशीर्वाद।

📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ

इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुत्र-पुत्री के लिए मास भिन्न क्यों?

पारम्परिक-शास्त्र: सम-मास-संख्या (6, 8, 10) पुरुष-अंक। विषम (5, 7, 9) स्त्री-अंक। सम-मास में पुत्र-अन्नप्राशन = स्थिरता। विषम-मास में पुत्री = सौम्य-वृद्धि। आधुनिक-समय में दोनों के लिए 6 मास सर्वमान्य।

सबसे पहले क्या खिलायें?

पारम्परिक: खीर (दूध-चावल-शक्कर) + शुद्ध-गाय का घी की एक-बूँद। मधु थोड़ा। चांदी की चम्मच से। बच्चे के स्वास्थ्य अनुसार बाल-रोग विशेषज्ञ से परामर्श।

चातुर्मास में अन्नप्राशन क्यों वर्जित?

देव-निद्रा-काल। मांगलिक-संस्कार वर्जित। 2026 में 25 जुलाई-20 नवम्बर वर्जित। यदि बच्चा इस-काल में 6 मास का हो — देवउठनी (20 नवम्बर) के बाद पहली शुभ-तिथि पर अन्नप्राशन।

🔗सम्बन्धित विषय

सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।