✦ त्रिपुष्कर योग ✦
✦ फल का तीन गुना — त्रिगुणित सिद्धि ✦
✦ त्रिपुष्कर योग क्या है? ✦
त्रिपुष्कर योग द्विपुष्कर का "बड़ा भाई" है — फल दो गुना नहीं, अपितु "तीन गुना" मिलता है। संरचना द्विपुष्कर के समान है, परन्तु नक्षत्र पाँच होते हैं जिनमें ३-पाद किसी राशि में पड़ते हैं — इसलिए "त्रि" गुणन।
दान-धर्म, सोना-चाँदी क्रय, सम्पत्ति, अभिषेक — इन सब के लिए यह योग सर्वोत्तम है। फल त्रिगुणित होने से पुण्य भी त्रिगुणित होता है। परन्तु नकारात्मक कार्य भी त्रिगुणित हो जाते हैं — ध्यान रखें।
✦ योग बनने का नियम ✦
त्रि-संयोग आवश्यक — वार: रविवार/मंगलवार/शनिवार · तिथि: द्वितीया/सप्तमी/द्वादशी · नक्षत्र: कृत्तिका, पुनर्वसु, उत्तर फाल्गुनी, विशाखा, उत्तराषाढ़ा, पूर्व भाद्रपद (इन छह में से कोई एक)। द्विपुष्कर से अधिक नक्षत्र हैं, इसलिए यह थोड़ा अधिक बार आता है।
✦ आगामी त्रिपुष्कर योग तिथियाँ ✦
11 जुलाई 2026
शनिवार · कृत्तिका
25 अगस्त 2026
मंगलवार · उत्तराषाढ़ा
9 जनवरी 2027
शनिवार · उत्तराषाढ़ा
27 फ़रवरी 2027
शनिवार · विशाखा
26 जून 2027
शनिवार · पूर्व भाद्रपद
29 अगस्त 2027
रविवार · पुनर्वसु
31 अक्टूबर 2027
रविवार · विशाखा
* दिल्ली पंचांग सन्दर्भ। स्थान बदलने पर तिथियाँ ±1 दिन भिन्न हो सकती हैं।
✦ इस योग में करने योग्य कार्य ✦
✦ और देखें ✦
✦ — त्रिपुष्कर योग में आरम्भ कार्य की सिद्धि कई गुना — ✦