सर्वार्थ सिद्धि योग

सर्वार्थ सिद्धि योग

सर्व कार्य सिद्धि — सबसे शक्तिशाली शुभ योग

सर्वार्थ सिद्धि योग क्या है?

सर्वार्थ सिद्धि योग वैदिक मुहूर्त शास्त्र का सर्वाधिक लोकप्रिय शुभ योग है। "सर्व + अर्थ + सिद्धि" — अर्थात् इस योग में आरम्भ किया हर कार्य सिद्ध होता है। यह योग वार (दिन) एवं नक्षत्र के विशेष संयोग से बनता है — प्रत्येक वार के लिए कुछ निर्धारित नक्षत्र हैं।

मुहूर्त चिन्तामणि एवं बृहत् संहिता में इस योग का विस्तृत वर्णन है। यदि किसी कार्य के लिए अन्य अशुभ दोष हों, तब भी सर्वार्थ सिद्धि योग उन दोषों को न्यून कर देता है — इसीलिए यह सबसे विश्वसनीय शुभ योग माना जाता है।

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योग बनने का नियम

वार + नक्षत्र विशेष संयोग — रविवार: अश्विनी, पुष्य, हस्त, मूल, उत्तर फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपद · सोमवार: रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, अनुराधा, श्रवण · मंगलवार: अश्विनी, कृत्तिका, आश्लेषा, उत्तर भाद्रपद · बुधवार: कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, हस्त, अनुराधा · गुरुवार: अश्विनी, पुनर्वसु, पुष्य, अनुराधा, रेवती · शुक्रवार: अश्विनी, पुनर्वसु, अनुराधा, श्रवण, रेवती · शनिवार: रोहिणी, श्रवण, स्वाती।

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आगामी सर्वार्थ सिद्धि योग तिथियाँ

14 मई 2026

गुरुवार · रेवती

15 मई 2026

शुक्रवार · अश्विनी

18 मई 2026

सोमवार · रोहिणी

21 मई 2026

गुरुवार · पुष्य

27 मई 2026

बुधवार · हस्त

5 जून 2026

शुक्रवार · श्रवण

6 जून 2026

शनिवार · श्रवण

11 जून 2026

गुरुवार · रेवती

12 जून 2026

शुक्रवार · अश्विनी

15 जून 2026

सोमवार · मृगशिरा

18 जून 2026

गुरुवार · पुष्य

3 जुलाई 2026

शुक्रवार · श्रवण

* दिल्ली पंचांग सन्दर्भ। स्थान बदलने पर तिथियाँ ±1 दिन भिन्न हो सकती हैं।

इस योग में करने योग्य कार्य

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विवाह एवं सगाई
🏡
गृह प्रवेश एवं भूमि पूजन
💼
व्यापार एवं नया कार्य आरम्भ
🪔
मन्त्र दीक्षा एवं अभिषेक
💎
सोना, चाँदी एवं वाहन क्रय
📚
विद्या एवं नवीन शिक्षा आरम्भ

— सर्वार्थ सिद्धि योग में आरम्भ कार्य की सिद्धि कई गुना —