रवि पुष्य योग

रवि पुष्य योग

सूर्य + पुष्य — स्वर्ण क्रय का श्रेष्ठ मुहूर्त

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रवि पुष्य योग क्या है?

रवि पुष्य योग वर्ष में लगभग ६ बार आता है — जब रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र हो। पुष्य "नक्षत्रों का राजा" कहा जाता है — इसका स्वामी देव बृहस्पति हैं और यह नक्षत्र सर्वथा शुभ माना जाता है।

इस योग में सोने, चाँदी, वाहन की खरीद, शेयर निवेश, मन्त्र दीक्षा अत्यन्त शुभ। दीवाली के पूर्व आने वाला पुष्य योग "पुष्य पूजन" के रूप में बहुत प्रसिद्ध है।

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योग बनने का नियम

सरल संयोग — रविवार + पुष्य नक्षत्र। केवल वार और नक्षत्र की एकता आवश्यक है।

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आगामी रवि पुष्य योग तिथियाँ

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1 नवम्बर 2026

रविवार · पुष्य

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29 नवम्बर 2026

रविवार · पुष्य

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26 सितम्बर 2027

रविवार · पुष्य

* दिल्ली पंचांग सन्दर्भ। स्थान बदलने पर तिथियाँ ±1 दिन भिन्न हो सकती हैं।

इस योग में करने योग्य कार्य

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सोना एवं चाँदी क्रय
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मन्त्र दीक्षा एवं जप
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विद्या आरम्भ — विशेषतः वेद
🙏
दान एवं पुण्य कार्य
🌟
ग्रह शान्ति पूजा
💍
विवाह से सम्बन्धित विचार-विमर्श

— रवि पुष्य योग में आरम्भ कार्य की सिद्धि कई गुना —