गुरु पुष्य योग

गुरु पुष्य योग

गुरुवार + पुष्य — सर्वोत्तम शुभ योग

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गुरु पुष्य योग क्या है?

गुरु पुष्य योग शुभ योगों में सर्वोच्च माना जाता है। गुरुवार स्वयं बृहस्पति का दिन है, और पुष्य भी बृहस्पति का नक्षत्र है — दोनों के संयोग से "द्विगुरु" शक्ति बनती है।

यह योग वर्ष में लगभग ६ बार आता है। नये व्यापार, विद्या आरम्भ, मन्त्र दीक्षा, ब्रह्मोपदेश के लिए सर्वश्रेष्ठ। दीवाली एवं अक्षय तृतीया से पहले आने वाले गुरु पुष्य पर सोना खरीदना अत्यन्त लाभकारी।

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योग बनने का नियम

सरल संयोग — गुरुवार + पुष्य नक्षत्र। बृहस्पति के दिन एवं नक्षत्र की एकता।

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आगामी गुरु पुष्य योग तिथियाँ

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21 मई 2026

गुरुवार · पुष्य

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18 जून 2026

गुरुवार · पुष्य

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18 मार्च 2027

गुरुवार · पुष्य

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15 अप्रैल 2027

गुरुवार · पुष्य

* दिल्ली पंचांग सन्दर्भ। स्थान बदलने पर तिथियाँ ±1 दिन भिन्न हो सकती हैं।

इस योग में करने योग्य कार्य

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सोना एवं चाँदी क्रय
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मन्त्र दीक्षा एवं जप
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विद्या आरम्भ — विशेषतः वेद
🙏
दान एवं पुण्य कार्य
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ग्रह शान्ति पूजा
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विवाह से सम्बन्धित विचार-विमर्श

— गुरु पुष्य योग में आरम्भ कार्य की सिद्धि कई गुना —