अनन्त-चतुर्दशी — भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी। अनन्त-भगवान विष्णु की पूजा। 14-गाँठ-वाला अनन्त-सूत्र (रक्षा-सूत्र) पुरुष-दायीं, स्त्री-बायीं भुजा पर बाँधा।
साथ ही गणेश-विसर्जन का दिन (10-दिन-गणेश-चतुर्थी का समापन)।
✦ 2026 अनन्त-चतुर्दशी
तिथि: 25 सितम्बर 2026 (शुक्रवार)।
गणेश-विसर्जन-दिन।
उज्जैन, मुम्बई, पुणे में विशेष।
✦ अनन्त-सूत्र
कपास, रेशम या ऊन का धागा।
हल्दी से रंगा (पीला)।
14 गाँठें (14 लोकों के प्रतीक)।
पूजा-समय बाँधा।
पुरुष: दायीं भुजा। स्त्री: बायीं।
14 दिन तक धारण। फिर बहती-नदी में।
14 वर्ष की प्रतिज्ञा सर्व-मनोकामना-पूर्ति हेतु।
✦ पूजा-विधि
प्रातः-स्नान।
विष्णु-प्रतिमा।
कलश-स्थापना।
पीला-वस्त्र, पीले-फूल।
तुलसी, चन्दन।
14 दीपक।
14 प्रकार के फल और मिठाई।
अनन्त-कथा-श्रवण: कौण्डिन्य ऋषि की कथा।
सूत्र-पूजा।
सूत्र-धारण।
भोग-वितरण।
✦ 14 लोक
ऊर्ध्व-7: भू, भुवः, स्वः, महः, जनः, तपः, सत्यम्।
अधो-7: अतल, वितल, सुतल, रसातल, तलातल, महातल, पाताल।
📚स्रोत एवं सन्दर्भ-ग्रन्थ
इस लेख की सामग्री निम्नलिखित शास्त्रीय एवं आधुनिक प्रामाणिक स्रोतों से सत्यापित है। पाठक मूल-स्रोतों से स्वतन्त्र-सत्यापन कर सकते हैं।
- ▪सूर्य सिद्धान्त — शास्त्रीय संस्कृत खगोलशास्त्र ग्रन्थ (~5वीं सदी ईसवी)
- ▪बृहत् पाराशर होरा शास्त्र — महर्षि पराशर रचित वैदिक ज्योतिष का मूल-ग्रन्थ
- ▪मुहूर्त चिन्तामणि — राम दैवज्ञ रचित (16वीं सदी), मुहूर्त-शास्त्र का मानक-ग्रन्थ
- ▪Astronomical Algorithms — Jean Meeus (Willmann-Bell, 1998); इस साइट के सभी खगोलीय गणनाओं का आधार
- ▪लाहिरी अयनांश — भारतीय कैलेण्डर सुधार समिति (1955) द्वारा अंगीकृत मानक सायन-निरयण रूपान्तरण
✦ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अनन्त-चतुर्दशी पर गणेश-विसर्जन क्यों?▼
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (गणेश-चतुर्थी) से शुरू 10-दिन गणेश-स्थापना। 10वाँ-दिन = अनन्त-चतुर्दशी = विसर्जन।
सूत्र कितने दिन पहनें?▼
14 दिन न्यूनतम। आजीवन भी पहन सकते। टूट जाये तो उसी-दिन नया। बहती-नदी में पुराना-विसर्जन।
🔗सम्बन्धित विषय
सूचना: यह सामग्री शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सन्दर्भ हेतु प्रकाशित है। व्यक्तिगत धार्मिक/ज्योतिषीय निर्णयों के लिए कृपया योग्य पंडित अथवा ज्योतिषी से परामर्श लें।