✦ उपनयन मुहूर्त 2026 ✦
✦ जनेऊ-संस्कार — 16 संस्कारों में 10वाँ — द्विज-दीक्षा ✦
✦ शुभ मुहूर्त 2026 ✦
जनेऊ-संस्कार — 16 संस्कारों में 10वाँ — द्विज-दीक्षा
पारम्परिक-आयु
8/11/12 वर्ष
श्रेष्ठ-ऋतु
वसन्त
चातुर्मास
वर्जित
✦ शास्त्रोक्त-नियम ✦
- 1
पारम्परिक-आयु: ब्राह्मण 8, क्षत्रिय 11, वैश्य 12 (गर्भ-गणना से)। अधिकतम 16 तक।
- 2
ऋतु: वसन्त (माघ-फाल्गुन-चैत्र-वैशाख) श्रेष्ठ। ग्रीष्म-ऋतु भी स्वीकार्य।
- 3
मास: माघ, फाल्गुन, चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ। आषाढ़ शुक्ल 1-10 अन्तिम।
- 4
पक्ष: शुक्ल। तिथि 2, 3, 5, 10, 11, 12, 13। नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती। वार: सोम/बुध/गुरु/शुक्र।
✦ फरवरी 2026 ✦
✦ माघ / फाल्गुन ✦
🌙 शुक्ल तृतीया
⭐ नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद
🌙 शुक्ल षष्ठी
⭐ नक्षत्र: भरणी
🌙 शुक्ल नवमी
⭐ नक्षत्र: पुनर्वसु
✦ मार्च 2026 ✦
✦ फाल्गुन / चैत्र ✦
🌙 शुक्ल चतुर्थी
⭐ नक्षत्र: रोहिणी
🌙 शुक्ल षष्ठी
⭐ नक्षत्र: पुनर्वसु
🌙 शुक्ल त्रयोदशी
⭐ नक्षत्र: पुष्य
✦ अप्रैल 2026 ✦
✦ चैत्र / वैशाख ✦
🌙 शुक्ल तृतीया
⭐ नक्षत्र: रोहिणी
✦ अक्षय तृतीया ✦
🌙 शुक्ल अष्टमी
⭐ नक्षत्र: पुष्य
🌙 शुक्ल एकादशी
⭐ नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी
✦ मई 2026 ✦
✦ वैशाख / ज्येष्ठ ✦
🌙 शुक्ल द्वितीया
⭐ नक्षत्र: रोहिणी
🌙 शुक्ल पञ्चमी
⭐ नक्षत्र: पुष्य
🌙 शुक्ल दशमी
⭐ नक्षत्र: चित्रा
✦ प्रश्न-उत्तर ✦
Q. क्या यह केवल-ब्राह्मण-वर्ग के लिए?
पारम्परिक — द्विज-वर्ण (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य) सब के लिए। आधुनिक-काल में मुख्यतः ब्राह्मण-परिवारों में प्रचलित।
Q. चातुर्मास में उपनयन क्यों नहीं?
चातुर्मास-सूर्य-दक्षिणायन-काल — मांगलिक-कार्य वर्जित। उपनयन शिक्षा-दीक्षा-संस्कार — सूर्य-उत्तरायण ही श्रेष्ठ।