सूर्य-गोचर 2026

सूर्य-गोचर 2026

आत्मा-कारक — प्रत्येक 30 दिन में एक राशि-परिवर्तन (सङ्क्रान्ति)

सूर्य

Sun

राशि-काल

~30 दिन

देवता

सूर्य-नारायण

मित्र-ग्रह

चन्द्र, मङ्गल, गुरु

ग्रह-परिचय

सूर्य-गोचर — सूर्य का राशि-परिवर्तन। सङ्क्रान्ति (= राशि-परिवर्तन-क्षण) पर्व-दिन। प्रत्येक मास के 14-17 तारीख के बीच होती है।

सूर्य आत्मा-कारक, पिता-कारक, राज्य-पद-यश-कारक। ज्योतिष में सूर्य-स्थिति से व्यक्ति का अहं, नेतृत्व-गुण, स्वास्थ्य-प्राण-शक्ति, पिता-सम्बन्ध समझे जाते हैं।

सूर्य-गोचर का सबसे-महत्वपूर्ण-दिन: मकर-सङ्क्रान्ति (14 जनवरी) — सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करता है। शुभ-कार्यों का प्रारम्भ।

📅

2026 राशि-गोचर

14 जन॰

राशि-प्रवेश: मकर

मकर-सङ्क्रान्ति

13 फ़र॰

राशि-प्रवेश: कुम्भ

कुम्भ-सङ्क्रान्ति

14 मार्च

राशि-प्रवेश: मीन

मीन-सङ्क्रान्ति

14 अप्रैल

राशि-प्रवेश: मेष

मेष-सङ्क्रान्ति (सौर-नव-वर्ष)

15 मई

राशि-प्रवेश: वृषभ

वृषभ-सङ्क्रान्ति

15 जून

राशि-प्रवेश: मिथुन

16 जुल॰

राशि-प्रवेश: कर्क

कर्क-सङ्क्रान्ति (दक्षिणायन)

17 अग॰

राशि-प्रवेश: सिंह

सिंह-सङ्क्रान्ति (स्व-राशि)

17 सित॰

राशि-प्रवेश: कन्या

17 अक्टू॰

राशि-प्रवेश: तुला

नीच-राशि

16 नव॰

राशि-प्रवेश: वृश्चिक

16 दिस॰

राशि-प्रवेश: धनु

धनु-सङ्क्रान्ति

🔮

12 राशियों पर प्रभाव

मेष (Aries)

स्व-राशि सूर्य अति-शुभ। आत्म-विश्वास चरम। पदोन्नति, राजकीय-सम्मान।

वृषभ (Taurus)

व्यय-स्थान का सूर्य — खर्च बढ़ेगा। पारिवारिक-यात्रा।

मिथुन (Gemini)

लाभ-स्थान। अप्रत्याशित-आय। मित्र-वर्ग का सहयोग।

कर्क (Cancer)

सूर्य का शत्रु-स्थान। पिता-स्वास्थ्य पर ध्यान। पदोन्नति में विलम्ब।

सिंह (Leo)

स्व-राशि का सूर्य अति-शक्तिशाली। शासकीय-कृपा। राजकीय-कार्य-सिद्धि।

कन्या (Virgo)

शिक्षा एवं विद्या में उत्तम। संतान-सुख। सरकारी-नौकरी हेतु शुभ।

तुला (Libra)

नीच-सूर्य — सावधानी का काल। साथी से मतभेद। आत्म-विश्वास में कमी।

वृश्चिक (Scorpio)

भाग्य-स्थान। उत्तम-आय। पिता का आशीर्वाद।

धनु (Sagittarius)

कर्म-स्थान। पदोन्नति एवं यश की प्रबल-सम्भावना।

मकर (Capricorn)

भाग्य-स्थान। उच्च-शिक्षा अथवा विदेश-यात्रा।

कुम्भ (Aquarius)

धन-स्थान। पारिवारिक-वाणी एवं नेत्र-सम्बन्धी सावधानी।

मीन (Pisces)

सुख-स्थान। माता-पिता-सुख। गृह-निर्माण-योग।

🪔

उपाय एवं शान्ति-कर्म

  1. 1

    प्रत्येक रविवार सूर्य-अर्घ्य प्रात:काल (तांबे के लोटे में जल + लाल-पुष्प + अक्षत)।

  2. 2

    आदित्य-हृदय-स्तोत्र पाठ — सर्व-शुभ-फल-दायक।

  3. 3

    "ॐ घृणि सूर्याय नमः" मन्त्र-जप 108 बार प्रति-दिन।

  4. 4

    गुड़, गेहूँ, ताम्र-पात्र, लाल-वस्त्र का दान। रवि-वार उपवास।

प्रश्न-उत्तर

Q. सूर्य-सङ्क्रान्ति का माहात्म्य?

सङ्क्रान्ति-क्षण पर सूर्य के साथ-साथ धरती की ऊर्जा-तरङ्ग भी बदलती है। स्नान-दान-तर्पण-पुण्य फल-शतगुणित। मकर-सङ्क्रान्ति सर्वोच्च।

Q. क्या सूर्य-गोचर सब रशियों के लिए समान-प्रभावी?

नहीं। मेष, सिंह, धनु (अग्नि-तत्व) रशियों के लिए सूर्य अति-शक्तिशाली। तुला में नीच। मिथुन, तुला, कुम्भ (वायु) में बल-न्यून।