✦ शुक्र-गोचर 2026 ✦
✦ सौन्दर्य-कारक — विवाह, कला, ऐश्वर्य, सुख का स्वामी ✦
शुक्र
Venus (Shukra)
राशि-काल
~24-30 दिन
देवता
भार्गव-शुक्राचार्य
स्व-राशि
वृषभ, तुला
✦ ग्रह-परिचय ✦
शुक्र-गोचर — सूर्य-निकट-ग्रह, ~24-30 दिन प्रति-राशि। वर्ष में 1-2 वक्री-काल (~42 दिन प्रत्येक)।
शुक्र सौन्दर्य-कारक, पत्नी-कारक (पुरुष-कुण्डली में), कला-संगीत-नृत्य-ऐश्वर्य-कारक। शुक्र-स्थिति से प्रेम-जीवन, विलासिता, सौन्दर्य-बोध।
शुक्रोदय (शुक्र का सूर्य-समीप से उदय) पर्व-दिन। शुभ-कार्यों के लिए अनुकूल।
✦ 2026 राशि-गोचर ✦
राशि-प्रवेश: धनु
✦ जारी ✦
राशि-प्रवेश: मकर
राशि-प्रवेश: कुम्भ
राशि-प्रवेश: मीन
✦ उच्च-राशि ✦
राशि-प्रवेश: मेष
राशि-प्रवेश: वृषभ
✦ स्व-राशि ✦
राशि-प्रवेश: मिथुन
राशि-प्रवेश: कर्क
राशि-प्रवेश: सिंह
राशि-प्रवेश: कन्या
राशि-प्रवेश: तुला
✦ स्व-राशि ✦
राशि-प्रवेश: वृश्चिक
राशि-प्रवेश: धनु
राशि-प्रवेश: मकर
✦ 12 राशियों पर प्रभाव ✦
✦ मेष (Aries)
सौन्दर्य-भोग, विवाह-योग, यात्रा।
✦ वृषभ (Taurus)
स्व-राशि — धन-वर्धन, सुख-समृद्धि।
✦ मिथुन (Gemini)
व्यापारिक-वार्तालाप, साझेदारी-शुभ।
✦ कर्क (Cancer)
गृह-सुख, कला-संगीत-आनन्द।
✦ सिंह (Leo)
राजकीय-सम्मान, मनोरञ्जन।
✦ कन्या (Virgo)
सेवा-कार्य, साझेदारी।
✦ तुला (Libra)
स्व-राशि — विवाह, साझेदारी, न्याय-कार्य।
✦ वृश्चिक (Scorpio)
गुप्त-प्रेम, परिवर्तन।
✦ धनु (Sagittarius)
भाग्य-वृद्धि, धर्म-यात्रा।
✦ मकर (Capricorn)
पदोन्नति, राजकीय-कृपा।
✦ कुम्भ (Aquarius)
मित्र-लाभ, समूह-कार्य।
✦ मीन (Pisces)
उच्च-शुक्र — आत्म-शुद्धि, अध्यात्म।
✦ उपाय एवं शान्ति-कर्म ✦
- 1
प्रत्येक शुक्रवार लक्ष्मी-पूजन, शुक्र-स्तोत्र।
- 2
"ॐ शुं शुक्राय नमः" मन्त्र 108 बार।
- 3
श्वेत-वस्त्र, चावल, श्वेत-पुष्प, घृत, हीरा-दान।
- 4
हीरा (Diamond) रत्न — शास्त्रोक्त-परीक्षण-पश्चात्। ज़िरकोन सस्ता-विकल्प।
✦ प्रश्न-उत्तर ✦
Q. शुक्र-वक्री में विवाह कर सकते हैं?
पारम्परिक-शास्त्र-अनुसार: शुक्र-वक्री-काल में विवाह वर्जित। आधुनिक-काल में लचीला। यदि करना अनिवार्य — पञ्चाङ्ग-शुद्धि एवं ब्राह्मण-मन्त्र-शान्ति।
Q. हीरा सबको पहनना चाहिए?
नहीं। शुक्र शुभ-स्थान में, मित्र-राशि में हो तब। मेष-वृश्चिक-राशि के लिए सावधानी। अनिवार्य-परामर्श।