शुक्र-गोचर 2026

शुक्र-गोचर 2026

सौन्दर्य-कारक — विवाह, कला, ऐश्वर्य, सुख का स्वामी

शुक्र

Venus (Shukra)

राशि-काल

~24-30 दिन

देवता

भार्गव-शुक्राचार्य

स्व-राशि

वृषभ, तुला

ग्रह-परिचय

शुक्र-गोचर — सूर्य-निकट-ग्रह, ~24-30 दिन प्रति-राशि। वर्ष में 1-2 वक्री-काल (~42 दिन प्रत्येक)।

शुक्र सौन्दर्य-कारक, पत्नी-कारक (पुरुष-कुण्डली में), कला-संगीत-नृत्य-ऐश्वर्य-कारक। शुक्र-स्थिति से प्रेम-जीवन, विलासिता, सौन्दर्य-बोध।

शुक्रोदय (शुक्र का सूर्य-समीप से उदय) पर्व-दिन। शुभ-कार्यों के लिए अनुकूल।

📅

2026 राशि-गोचर

1 जन॰

राशि-प्रवेश: धनु

जारी

28 जन॰

राशि-प्रवेश: मकर

21 फ़र॰

राशि-प्रवेश: कुम्भ

17 मार्च

राशि-प्रवेश: मीन

उच्च-राशि

11 अप्रैल

राशि-प्रवेश: मेष

6 मई

राशि-प्रवेश: वृषभ

स्व-राशि

1 जून

राशि-प्रवेश: मिथुन

26 जून

राशि-प्रवेश: कर्क

22 जुल॰

राशि-प्रवेश: सिंह

16 अग॰

राशि-प्रवेश: कन्या

11 सित॰

राशि-प्रवेश: तुला

स्व-राशि

6 अक्टू॰

राशि-प्रवेश: वृश्चिक

2 नव॰

राशि-प्रवेश: धनु

30 नव॰

राशि-प्रवेश: मकर

🔮

12 राशियों पर प्रभाव

मेष (Aries)

सौन्दर्य-भोग, विवाह-योग, यात्रा।

वृषभ (Taurus)

स्व-राशि — धन-वर्धन, सुख-समृद्धि।

मिथुन (Gemini)

व्यापारिक-वार्तालाप, साझेदारी-शुभ।

कर्क (Cancer)

गृह-सुख, कला-संगीत-आनन्द।

सिंह (Leo)

राजकीय-सम्मान, मनोरञ्जन।

कन्या (Virgo)

सेवा-कार्य, साझेदारी।

तुला (Libra)

स्व-राशि — विवाह, साझेदारी, न्याय-कार्य।

वृश्चिक (Scorpio)

गुप्त-प्रेम, परिवर्तन।

धनु (Sagittarius)

भाग्य-वृद्धि, धर्म-यात्रा।

मकर (Capricorn)

पदोन्नति, राजकीय-कृपा।

कुम्भ (Aquarius)

मित्र-लाभ, समूह-कार्य।

मीन (Pisces)

उच्च-शुक्र — आत्म-शुद्धि, अध्यात्म।

🪔

उपाय एवं शान्ति-कर्म

  1. 1

    प्रत्येक शुक्रवार लक्ष्मी-पूजन, शुक्र-स्तोत्र।

  2. 2

    "ॐ शुं शुक्राय नमः" मन्त्र 108 बार।

  3. 3

    श्वेत-वस्त्र, चावल, श्वेत-पुष्प, घृत, हीरा-दान।

  4. 4

    हीरा (Diamond) रत्न — शास्त्रोक्त-परीक्षण-पश्चात्। ज़िरकोन सस्ता-विकल्प।

प्रश्न-उत्तर

Q. शुक्र-वक्री में विवाह कर सकते हैं?

पारम्परिक-शास्त्र-अनुसार: शुक्र-वक्री-काल में विवाह वर्जित। आधुनिक-काल में लचीला। यदि करना अनिवार्य — पञ्चाङ्ग-शुद्धि एवं ब्राह्मण-मन्त्र-शान्ति।

Q. हीरा सबको पहनना चाहिए?

नहीं। शुक्र शुभ-स्थान में, मित्र-राशि में हो तब। मेष-वृश्चिक-राशि के लिए सावधानी। अनिवार्य-परामर्श।