✦ पुंसवन मुहूर्त 2026 ✦
✦ 16 संस्कारों में द्वितीय — गर्भ-3 मास पर पुंसवन-संस्कार ✦
✦ शुभ मुहूर्त 2026 ✦
16 संस्कारों में द्वितीय — गर्भ-3 मास पर पुंसवन-संस्कार
पारम्परिक-मास
गर्भ-3 मास
श्रेष्ठ-नक्षत्र
पुष्य
पक्ष
शुक्ल
✦ शास्त्रोक्त-नियम ✦
- 1
गर्भावस्था के तीसरे-मास (जब गर्भ-स्पन्दन प्रारम्भ हो) में किया जाता है।
- 2
नक्षत्र: पुष्य, श्रवण, हस्त, पुनर्वसु। पुष्य-नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ।
- 3
पक्ष: शुक्ल-पक्ष। तिथि: 2, 3, 5, 7, 10, 11, 12, 13।
- 4
वार: सोम, बुध, गुरु, शुक्र। पुष्ये-गुरुवार उत्तम-संयोग।
गर्भ-3 मास पर निर्भर — गर्भारम्भ-तिथि से 60-90 दिन की अवधि में उपर्युक्त नक्षत्र-दिवस चुनें। 2026 के पुष्य-दिवस: 24 अप्रैल, 21 मई, 17 जून, 14 जुलाई, 11 अगस्त, 7 सितम्बर, 4 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 27 नवम्बर, 25 दिसम्बर।
✦ फरवरी 2026 ✦
✦ माघ / फाल्गुन ✦
🌙 शुक्ल तृतीया
⭐ नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद
🌙 शुक्ल षष्ठी
⭐ नक्षत्र: भरणी
🌙 शुक्ल नवमी
⭐ नक्षत्र: पुनर्वसु
✦ मार्च 2026 ✦
✦ फाल्गुन / चैत्र ✦
🌙 शुक्ल चतुर्थी
⭐ नक्षत्र: रोहिणी
🌙 शुक्ल षष्ठी
⭐ नक्षत्र: पुनर्वसु
🌙 शुक्ल त्रयोदशी
⭐ नक्षत्र: पुष्य
✦ अप्रैल 2026 ✦
✦ चैत्र / वैशाख ✦
🌙 शुक्ल तृतीया
⭐ नक्षत्र: रोहिणी
✦ अक्षय तृतीया ✦
🌙 शुक्ल अष्टमी
⭐ नक्षत्र: पुष्य
🌙 शुक्ल एकादशी
⭐ नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी
✦ प्रश्न-उत्तर ✦
Q. पुंसवन-संस्कार का उद्देश्य?
गर्भ-स्थ-शिशु के स्वस्थ-विकास हेतु। मानसिक-शुद्धता। शास्त्र-अनुसार पुत्र-कामना (पुं-सवन = पुरुष-शिशु-कामना)। आधुनिक-काल में स्वस्थ-शिशु-सामान्य-कामना।
Q. गर्भिणी-स्त्री किस-स्थिति में बैठे?
पूर्व-दिशा-मुख। पति दक्षिण-ओर। पारम्परिक-मन्त्र-जप (विष्णु-सूक्त, श्री-सूक्त)। न्यग्रोध-वृक्ष की दो कोपलें-रस गर्भिणी की नासिका में 3 बूँदें।