मङ्गल-गोचर 2026

मङ्गल-गोचर 2026

पराक्रम-कारक — साहस, भूमि-शक्ति, ऊर्जा का स्वामी

मङ्गल

Mars

राशि-काल

~45-60 दिन

देवता

कार्तिकेय

स्व-राशि

मेष, वृश्चिक

ग्रह-परिचय

मङ्गल-गोचर — मङ्गल के राशि-परिवर्तन का चक्र। मार्ग-गति में ~45-60 दिन प्रति-राशि, वक्री-काल में अधिक।

मङ्गल पराक्रम-कारक, भूमि-कारक, सेना-यन्त्र-शस्त्र-कारक। ज्योतिष में मङ्गल-स्थिति से व्यक्ति का साहस, ऊर्जा, अग्निशक्ति, भू-सम्पत्ति समझे जाते हैं।

मङ्गल-दोष = मङ्गल का 1, 4, 7, 8, 12वें भाव में होना। विवाह-कुण्डली-मिलान में विशेष-विचार। 2026 में मङ्गल-वक्री-काल पर ध्यान दें।

📅

2026 राशि-गोचर

1 जन॰

राशि-प्रवेश: कुम्भ

वर्ष-प्रारम्भ

16 फ़र॰

राशि-प्रवेश: मीन

26 मार्च

राशि-प्रवेश: मेष

स्व-राशि

4 मई

राशि-प्रवेश: वृषभ

15 जून

राशि-प्रवेश: मिथुन

2 अग॰

राशि-प्रवेश: कर्क

नीच-राशि

19 सित॰

राशि-प्रवेश: सिंह

7 नव॰

राशि-प्रवेश: कन्या

26 दिस॰

राशि-प्रवेश: तुला

🔮

12 राशियों पर प्रभाव

मेष (Aries)

स्व-राशि का मङ्गल — पराक्रम चरम। सेना-पुलिस-व्यवसाय में उन्नति।

वृषभ (Taurus)

भूमि-वाहन-क्रय। पत्नी-स्वास्थ्य पर ध्यान।

मिथुन (Gemini)

व्यापारिक-संघर्ष परन्तु जीत। यात्रा-योग।

कर्क (Cancer)

नीच-मङ्गल — स्वास्थ्य-सावधानी। माता-सम्बन्ध तनाव।

सिंह (Leo)

साहसिक-निर्णय। सरकारी-कार्य-सिद्धि।

कन्या (Virgo)

विरोधी-हानि। शत्रु-पराजय। ऋण-वसूली।

तुला (Libra)

विवाह-योग। साझेदारी में संघर्ष। न्यायालय-कार्य सावधानी।

वृश्चिक (Scorpio)

स्व-राशि — अति-शक्तिशाली। गुप्त-धन-लाभ। शल्य-चिकित्सा-सावधानी।

धनु (Sagittarius)

भाग्य-वृद्धि। धार्मिक-यात्रा। गुरु-शिक्षण।

मकर (Capricorn)

कर्म-स्थान का मङ्गल — पदोन्नति, भूमि-लाभ।

कुम्भ (Aquarius)

मित्र-लाभ, बड़े-भाई-कृपा। आय बढ़ेगी।

मीन (Pisces)

व्यय-स्थान — खर्च बढ़ेगा। विदेश-यात्रा।

🪔

उपाय एवं शान्ति-कर्म

  1. 1

    प्रत्येक मङ्गलवार हनुमान-चालीसा-पाठ, सुन्दर-काण्ड पाठ।

  2. 2

    "ॐ अं अङ्गारकाय नमः" मन्त्र-जप 108 बार।

  3. 3

    मसूर-दाल, गुड़, ताम्र-पात्र, लाल-वस्त्र दान।

  4. 4

    मूँगा-रत्न (शास्त्रोक्त परीक्षण-पश्चात्) धारण।

प्रश्न-उत्तर

Q. मङ्गल-दोष कैसे शान्त-करें?

मङ्गलवार उपवास, हनुमान-पूजन, मङ्गल-यन्त्र, "अङ्गारक-गायत्री-मन्त्र" 108 बार। शास्त्रोक्त-कुम्भ-विवाह की पारम्परिक-विधि।

Q. क्या मूँगा-रत्न सर्व-लोगों के लिए?

नहीं। केवल जब मङ्गल कमज़ोर, शुभ-स्थान में हो। बिना-ज्योतिषी-परामर्श न पहनें — विपरीत-फल भी सम्भव।