✦ ऋण-व्यवहार मुहूर्त 2026 ✦
✦ ऋण-लेना अथवा चुकाना — पञ्चांग-अनुकूल-मुहूर्त-नियम ✦
✦ शुभ मुहूर्त 2026 ✦
ऋण-लेना अथवा चुकाना — पञ्चांग-अनुकूल-मुहूर्त-नियम
चुकाना-श्रेष्ठ
कृष्ण-पक्ष
लेना-शुभ
शुक्ल-पक्ष
वर्जित-वार
मंगल/शनि
✦ शास्त्रोक्त-नियम ✦
- 1
ऋण-चुकाने हेतु: कृष्ण-पक्ष श्रेष्ठ। ऋण-लेने हेतु: शुक्ल-पक्ष। शास्त्र-अनुसार ऋण-लेना मूलतः अशुभ — अति-आवश्यक-हो तो ही।
- 2
नक्षत्र शुभ (ऋण-चुकाना): पुनर्वसु, हस्त, श्रवण, उत्तरा-फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तर-भाद्रपद, रोहिणी।
- 3
नक्षत्र वर्ज्य: मूल, ज्येष्ठा, आर्द्रा, आश्लेषा (तीक्ष्ण-नक्षत्र)।
- 4
वार: ऋण-चुकाना — बुध/गुरु/शुक्र। ऋण-लेना (अति-आवश्यक) — सोम/बुध। मंगल/शनि वर्ज्य।
✦ जनवरी 2026 ✦
✦ पौष / माघ ✦
🌙 कृष्ण एकादशी
⭐ नक्षत्र: अनुराधा
✦ मकर-संक्रान्ति ✦
🌙 कृष्ण त्रयोदशी
⭐ नक्षत्र: मूल
✦ मई 2026 ✦
✦ वैशाख / ज्येष्ठ ✦
🌙 कृष्ण पञ्चमी
⭐ नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
🌙 कृष्ण नवमी
⭐ नक्षत्र: धनिष्ठा
✦ सितम्बर 2026 ✦
✦ भाद्रपद / आश्विन ✦
🌙 कृष्ण चतुर्थी
⭐ नक्षत्र: भरणी
🌙 कृष्ण दशमी
⭐ नक्षत्र: पुष्य
✦ प्रश्न-उत्तर ✦
Q. क्या ऋण-लेना सदैव अशुभ?
शास्त्र-अनुसार — हाँ, मूलतः अशुभ। परन्तु आधुनिक-काल में अति-आवश्यक — गृह, शिक्षा, चिकित्सा। तो शुभ-मुहूर्त में लेने से अधिक-लाभ एवं समय-पूर्व-चुकता।
Q. कौन-सा वार ऋण-लेने हेतु श्रेष्ठ?
सोमवार सर्वोत्तम (चन्द्र-शीतलता)। बुधवार स्वीकार्य (बुध — व्यवहार-कारक)। मंगल (कर्ज-कारक) — ऋण-लेना नहीं, चुकाने में ही उत्तम।