✦ केतु-गोचर 2026 ✦
✦ मोक्ष-कारक — पूर्व-जन्म-कर्म, वैराग्य, आध्यात्म का स्वामी ✦
केतु
Ketu (South Lunar Node)
राशि-काल
~18 मास
गति
सदा-वक्री
सदा-180°-दूर
राहु से
✦ ग्रह-परिचय ✦
केतु-गोचर — सदैव-वक्री, राहु से 180° दूर। ~18 मास प्रति-राशि। पूर्ण-चक्र 18 वर्ष।
केतु मोक्ष-कारक, वैराग्य-कारक, आध्यात्म-कारक, गुप्त-विद्या-कारक। पूर्व-जन्म-कर्म-फल। केतु-स्थिति से व्यक्ति का आध्यात्मिक-झुकाव, अन्तर्ज्ञान, छुपी-प्रतिभाएँ।
2026 में केतु सिंह-राशि से कर्क-राशि में प्रवेश (नवम्बर 2026)। राहु के साथ-साथ (वही दिन)।
✦ 2026 राशि-गोचर ✦
राशि-प्रवेश: सिंह
✦ जारी ✦
राशि-प्रवेश: कर्क
✦ 18-मासिक बदलाव ✦
✦ 12 राशियों पर प्रभाव ✦
✦ मेष (Aries)
सिंह-केतु — मेष के लिए 5वें (बुद्धि-सन्तान)। आध्यात्म-झुकाव।
✦ वृषभ (Taurus)
वृषभ — 4थें (माता-गृह)। पारिवारिक-वैराग्य।
✦ मिथुन (Gemini)
मिथुन — 3रे (पराक्रम)। साहसिक-कार्य।
✦ कर्क (Cancer)
कर्क — 2रे (धन-वाणी)। शान्त-वाणी।
✦ सिंह (Leo)
सिंह — लग्न (आत्मा)। व्यक्तित्व-शुद्धि।
✦ कन्या (Virgo)
कन्या — 12वें (व्यय-मोक्ष)। मोक्ष-यात्रा।
✦ तुला (Libra)
तुला — 11वें (आय-लाभ)। अप्रत्याशित-आय।
✦ वृश्चिक (Scorpio)
वृश्चिक — 10वें (कर्म)। आध्यात्मिक-कार्य।
✦ धनु (Sagittarius)
धनु — 9वें (भाग्य-गुरु)। तीर्थ-यात्रा।
✦ मकर (Capricorn)
मकर — 8वें (आयु-गुप्त)। साधना-तप।
✦ कुम्भ (Aquarius)
कुम्भ — 7वें (साझेदारी)। साझेदारी-वैराग्य।
✦ मीन (Pisces)
मीन — 6वें (शत्रु-ऋण)। शत्रु-नाश।
✦ उपाय एवं शान्ति-कर्म ✦
- 1
केतु-कवच-स्तोत्र, "ॐ कें केतवे नमः" मन्त्र 108 बार।
- 2
गणेश-पूजन (विशेष — केतु-शान्ति-कारक)।
- 3
तिल, सरसों-तेल, कम्बल, ध्वज, सिल्क-कपड़ा दान।
- 4
लहसुनिया (Chrysoberyl/Cat's Eye) रत्न शास्त्रोक्त-परीक्षण-पश्चात्।
✦ प्रश्न-उत्तर ✦
Q. क्या केतु सदा-अशुभ?
नहीं। केतु आध्यात्म, मोक्ष, गुप्त-विद्या, अन्तर्ज्ञान का स्वामी। साधना-तप-मुनि-कर्म में सहायक। केवल भौतिक-कामना के लिए कठिन।
Q. राहु-केतु की महादशा एक-साथ नहीं आती। क्यों?
विंशोत्तरी-दशा-क्रम-अनुसार राहु-दशा 18 वर्ष, केतु-दशा 7 वर्ष। दोनों भिन्न-कालों में आते। राहु-दशा-समाप्ति-पश्चात् 50-60 वर्ष का अन्तराल फिर केतु-दशा।