गुरु-गोचर 2026

गुरु-गोचर 2026

ज्ञान-कारक — सब ग्रहों में महान्, धर्म-गुरु-धन का स्वामी

गुरु

Jupiter (Guru/Brihaspati)

राशि-काल

~1 वर्ष

देवता

ब्रह्मा-स्पति

12-वर्ष-चक्र

पूर्ण-राशि-चक्र

ग्रह-परिचय

गुरु-गोचर — गुरु ~1 वर्ष प्रति-राशि, पूर्ण-चक्र 12 वर्ष। सर्वाधिक-शुभ-ग्रह, सर्व-दोष-शामक।

गुरु ज्ञान-कारक, धर्म-कारक, सन्तान-कारक, पति-कारक (स्त्री-कुण्डली में)। गुरु-स्थिति से व्यक्ति का धार्मिक-विश्वास, बुद्धि-गहराई, सन्तान-सुख समझे जाते हैं।

2026 में गुरु मिथुन से कर्क-राशि में प्रवेश (~ अक्टूबर 2026)। कर्क — गुरु की उच्च-राशि। महान-शुभ-योग आरम्भ।

📅

2026 राशि-गोचर

1 जन॰

राशि-प्रवेश: मिथुन

जारी

18 अक्टू॰

राशि-प्रवेश: कर्क

उच्च-राशि (12-वर्ष में 1 बार)

🔮

12 राशियों पर प्रभाव

मेष (Aries)

मेष-राशि के लिए गुरु-गोचर — साझेदारी, विवाह-योग, यात्रा।

वृषभ (Taurus)

वृषभ — सन्तान-योग, शिक्षा-उन्नति।

मिथुन (Gemini)

मिथुन — गृह-योग, माता-कृपा।

कर्क (Cancer)

स्व-स्थान/उच्च-स्थान का गुरु — सर्वोच्च-शुभ। धन-यश-सम्पत्ति।

सिंह (Leo)

सिंह — व्यय-स्थान, धार्मिक-यात्रा।

कन्या (Virgo)

कन्या — आय-वृद्धि, मित्र-लाभ।

तुला (Libra)

तुला — कर्म-स्थान, पदोन्नति।

वृश्चिक (Scorpio)

वृश्चिक — भाग्य-वृद्धि, उच्च-शिक्षा।

धनु (Sagittarius)

धनु — स्व-राशि का गुरु। आत्म-विश्वास, धर्म-कार्य।

मकर (Capricorn)

मकर — गृह-कलह सावधानी। माता-स्वास्थ्य।

कुम्भ (Aquarius)

कुम्भ — वाणी-धन-वृद्धि।

मीन (Pisces)

मीन — स्व-राशि का गुरु। आत्म-शक्ति, ध्यान, साधना।

🪔

उपाय एवं शान्ति-कर्म

  1. 1

    प्रत्येक गुरुवार विष्णु-सहस्र-नाम, गुरु-स्तोत्र पाठ।

  2. 2

    "ॐ बृं बृहस्पतये नमः" मन्त्र 108 बार।

  3. 3

    पीत-वस्त्र, चना-दाल, हल्दी, केला, पुस्तक, स्वर्ण-पुष्करिणी-दान।

  4. 4

    पुखराज-रत्न (पीला सफ़ायर) धारण — शास्त्रोक्त-परीक्षण-पश्चात्।

प्रश्न-उत्तर

Q. गुरु-गोचर का सर्वाधिक-प्रभाव कब?

गुरु जब आपकी जन्म-राशि के 2, 5, 7, 9, 11 स्थान में जाए — परम-शुभ। 4, 8, 12 = वर्ज्य ("तृतीयांश-दोष")।

Q. क्या पुखराज सबको शुभ?

सूर्य-चन्द्र-मङ्गल-मित्र-राशि के व्यक्तियों को विशेष-शुभ। शुक्र-केन्द्र-राशि (वृषभ, तुला) में सावधानी। ज्योतिषी-परामर्श अनिवार्य।