✦ बुध-गोचर 2026 ✦
✦ बुद्धि-कारक — व्यापार, वाणी, गणित का स्वामी ✦
बुध
Mercury
राशि-काल
~24 दिन
देवता
विष्णु (बुद्ध-अवतार)
वक्री/वर्ष
3-4 बार
✦ ग्रह-परिचय ✦
बुध-गोचर — सूर्य के अति-निकट-ग्रह, ~24 दिन प्रति-राशि। वर्ष में 3-4 वक्री-काल (~24 दिन प्रत्येक)।
बुध बुद्धि-कारक, व्यापार-कारक, वाणी-गणित-शिल्प-कारक। बुध-स्थिति से व्यक्ति का तार्किक-विचार, व्यवहार-कुशलता, संचार-शक्ति।
बुध-वक्री-काल में महत्वपूर्ण-सम्बन्ध, यात्रा, अनुबन्ध, सङ्केत-तकनीकी-कार्य अधिक-सावधानी से।
✦ 2026 राशि-गोचर ✦
राशि-प्रवेश: मकर
राशि-प्रवेश: कुम्भ
राशि-प्रवेश: मीन
राशि-प्रवेश: मेष
राशि-प्रवेश: वृषभ
राशि-प्रवेश: मिथुन
✦ स्व-राशि ✦
राशि-प्रवेश: कर्क
राशि-प्रवेश: सिंह
राशि-प्रवेश: कन्या
✦ स्व + उच्च-राशि ✦
राशि-प्रवेश: तुला
राशि-प्रवेश: वृश्चिक
राशि-प्रवेश: धनु
✦ 12 राशियों पर प्रभाव ✦
✦ मेष (Aries)
बौद्धिक-कार्य में सफलता। व्यापार-यात्रा। साझेदारी।
✦ वृषभ (Taurus)
धन-व्यापार वृद्धि। पारिवारिक-वाणी-कुशलता।
✦ मिथुन (Gemini)
स्व-राशि — मानसिक-शक्ति चरम। बहु-कार्य-निपुणता।
✦ कर्क (Cancer)
मानसिक-अशान्ति की सम्भावना। पाचन-सावधानी।
✦ सिंह (Leo)
राजनीति, मीडिया, सरकारी-कार्य-सिद्धि।
✦ कन्या (Virgo)
स्व + उच्च — व्यापार, शोध, चिकित्सा-शिक्षा में चरम-सफलता।
✦ तुला (Libra)
व्यवसायिक-साझेदारी-अनुबन्ध। वकालत-कार्य।
✦ वृश्चिक (Scorpio)
गुप्त-वार्ता, अनुसन्धान-कार्य।
✦ धनु (Sagittarius)
धर्म-यात्रा, शिक्षा-विदेश-योग।
✦ मकर (Capricorn)
व्यापारिक-सङ्क्रिया-सिद्धि। प्रचार-कार्य।
✦ कुम्भ (Aquarius)
मित्र-लाभ, समूह-कार्य।
✦ मीन (Pisces)
व्यय-स्थान — खर्च बढ़ेगा। विदेश-यात्रा।
✦ उपाय एवं शान्ति-कर्म ✦
- 1
प्रत्येक बुधवार विष्णु-सहस्र-नाम-पाठ अथवा "बुध-स्तोत्र"।
- 2
"ॐ बुं बुधाय नमः" मन्त्र 108 बार।
- 3
मूँग-दाल, हरा-वस्त्र, चूड़ी-कलाई-घड़ी, पन्ना का दान।
- 4
सावधानी: बुध-वक्री-काल में महत्वपूर्ण-अनुबन्ध-यात्रा-तकनीकी-कार्य से सावधान।
✦ प्रश्न-उत्तर ✦
Q. बुध-वक्री-काल में क्या करें/न-करें?
न-करें: नया अनुबन्ध, बड़ी-खरीद, नई-नौकरी-योजना। करें: पुराने-कार्य-समीक्षा, अधूरे-कार्य पूर्ण, पुराने-मित्रों से सम्पर्क।
Q. पन्ना-रत्न किसके लिए?
जब बुध कमज़ोर परन्तु शुभ-स्थान में हो। बुध की कारकता वाले व्यवसाय में सहायक — व्यापार, मीडिया, लेखन, गणित।