2026 की सत्य-नारायण-व्रत तिथियाँ

2026 की सत्य-नारायण-व्रत तिथियाँ

पूर्णिमा-पर भगवान् विष्णु का सत्य-नारायण-स्वरूप — गृह-शान्ति-प्रद

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13 तिथियाँ — पूर्ण वर्ष

पूर्णिमा-पर भगवान् विष्णु का सत्य-नारायण-स्वरूप — गृह-शान्ति-प्रद

प्रथम-सत्य-नारायण

2 जन॰शुक्र

कार्तिक-पूर्णिमा

29 जूनसोम

अन्तिम सत्य-नारायण

23 दिस॰बुध

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व्रत-परिचय

सत्य-नारायण-व्रत — स्कन्द-पुराण से आगत। विष्णु-भगवान् के "सत्य-नारायण" स्वरूप का पूजन। पूर्णिमा-तिथि पर सर्व-शुभ।

व्रत-कथा 5 अध्यायों में: साधु-वाणिक, कलावती, लीलावती, राजा-तुङ्गध्वज एवं काशी-नरेश की कथाएँ।

गृह-प्रवेश, सत्यनारायण-कथा-श्रवण, विवाह-पश्चात्, सन्तान-जन्म-पश्चात्, नई-दुकान-उद्घाटन — सभी-शुभ-कार्यों पर श्रवण-पूजन।

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जनवरी

1 दिन
2जन॰शुक्र

🌖 शुक्लतिथि 15

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फरवरी

1 दिन
1फ़र॰रवि

🌖 शुक्लतिथि 15

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मार्च

1 दिन
2मार्चसोम

🌖 शुक्लतिथि 15

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अप्रैल

1 दिन
1अप्रैलबुध

🌖 शुक्लतिथि 15

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मई

2 दिन
1मईशुक्र

🌖 शुक्लतिथि 15

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30मईशनि

🌖 शुक्लतिथि 15

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जून

1 दिन
29जूनसोम

🌖 शुक्लतिथि 15

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जुलाई

1 दिन
28जुल॰मंगल

🌖 शुक्लतिथि 15

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अगस्त

1 दिन
27अग॰गुरु

🌖 शुक्लतिथि 15

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सितम्बर

1 दिन
26सित॰शनि

🌖 शुक्लतिथि 15

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अक्टूबर

1 दिन
25अक्टू॰रवि

🌖 शुक्लतिथि 15

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📅

नवम्बर

1 दिन
24नव॰मंगल

🌖 शुक्लतिथि 15

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📅

दिसम्बर

1 दिन
23दिस॰बुध

🌖 शुक्लतिथि 15

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पूजन-विधि

  1. 1

    प्रात:-स्नान। श्वेत/पीत-वस्त्र। पूजा-स्थल मण्डप एवं केले के पत्ते।

  2. 2

    सत्य-नारायण-मूर्ति/चित्र-स्थापन। शालिग्राम। पूजा: षोडशोपचार।

  3. 3

    पञ्चामृत, पञ्च-फल, पञ्च-मेवा, सूजी-गुड़-घृत का प्रसाद (पञ्चामृत-शिर्या / सिरा)।

  4. 4

    सत्य-नारायण-कथा-श्रवण (5 अध्याय)। आरती। पारणा।

प्रश्न-उत्तर

Q. सत्य-नारायण-व्रत कब करना चाहिए?

पूर्णिमा सर्वोत्तम। एकादशी, शुक्रवार, सङ्क्रान्ति, सूर्य-चन्द्र-ग्रहण-पश्चात्, गृह-प्रवेश पर भी। प्रत्येक-शुभ-अवसर पर।

Q. प्रसाद का माहात्म्य क्या?

सूजी-गुड़-घृत का पञ्चामृत-सिरा — सर्व-सिद्धि-दायक। केला-दूध-चना अनिवार्य। प्रसाद-त्याग न करें — पाप।